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	<title>झा जी कहिन</title>
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	<description>कभी सच्ची... कभी कडवी...</description>
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		<title>पढेगा भारत , बढेगा भारत -ग्राम यात्रा -6</title>
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		<pubDate>Sun, 24 Mar 2013 06:52:21 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[कुछ भी कभी भी]]></category>
		<category><![CDATA[झा जी कहिन]]></category>
		<category><![CDATA[ग्राम यात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[ग्राम विद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[भ्रमण]]></category>
		<category><![CDATA[विकास]]></category>
		<category><![CDATA[संस्मरण]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; इस ग्राम यात्रा में जितना घूमना फ़िरना हुआ , उसमें कहीं कहीं विकास की गाडी को सरपट दौडते देखा तो कहीं पर वो बिल्कुल थमी हुई सी दिखी । ऐसे ही एक पडाव पर फ़िर कुछ खुशी का एहसास तब हुआ जब अपने ग्राम के विद्यालय को देखने गया । पूरे गांव के बीचोंबीच(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3316.jpg"></p><p>&nbsp;</p>
<p>इस <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2506" target="_blank">ग्राम यात्रा</a> में जितना घूमना फ़िरना हुआ , उसमें कहीं कहीं <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2641" target="_blank">विकास की गाडी को सरपट दौडते देखा</a> तो <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2738" target="_blank">कहीं पर वो बिल्कुल थमी हुई सी दिखी</a> । ऐसे ही एक पडाव पर फ़िर कुछ खुशी का एहसास तब हुआ जब अपने ग्राम के विद्यालय को देखने गया । पूरे गांव के बीचोंबीच इस मध्य विद्यालय की स्थापना वर्ष 1961 , में हुई थी । मेरा पूरा बचपन पिताजी के साथ बाहर शहरी क्षेत्रों में ही बीता था , फ़िरोज़पुर , लखनऊ, पूना , दानापुर और पटियाला के स्कूलों में ही पढाई लिखाई हुई सो कभी गांव के इस विद्यालय में पढने का मौका नहीं मिला । अलबत्ता कालेज युनिवर्सिटी की पूरी पढाई जरूर गांव में ही रही ।</p>
<p>शुरू में इस स्कूल , मास्टर साहब और स्कूल प्रशासन से अपनी एकदम तीन तेरह रही । न वे हमें जमते न हम उन्हें , कारण भी बस एक ही होता था कि हम जो विकास जो सुविधाएं , शिक्षा व्य्वस्था , स्कूलों की दशा अपने आसपास होते देख रहे थे उससे कुछ भी कम में हम संतुष्ट नहीं थे वजह ये कि तब तक पढाई लिखाई की अहमियत बहुत समझ चुके थे और हमारे खुद को स्थापित करने के संघर्ष में हम उतर भी चुके थे । स्कूल में उन दिनों बहुत कुछ ऐसा हो रहा था जिसकी हमें अपने इस ग्राम विद्यालय में भी तलाश रहती थी , मसलन उन दिनों शुरू हई दोपहर भोजन योजना , प्रतिदिन प्रति बच्चे एक रुपया देने की योजना मुफ़्त पुस्तक कापी वर्दी आदि वितरण करने की योजना आदि के नाम पर हमारी अक्सर भिडंत हो जाया करती थी । एक बार तो हमारी तनातनी इतनी ज्यादा बढ गई कि हमने गांव में तालाब किनारे , पीपल के वृक्ष के नीचे , बडी दरियां बिछा कर ब्लैक बोर्डों की सहायता से सभी कक्षा के विद्यार्थियों को सारे विषय पढाने लगे । हमारी खुशकिस्मती और ग्रामीणों का विश्वास ऐसा रहा कि हमारे वरिष्ठ कई भाई  लोग इसमें सेवा देने को तैयार हो गए ।हम विद्यार्थियों को रोज़ एक टॉफ़ी , नहीं नहीं , लेमनचूस, कॉपी , पेंसिल तक , हमने अपनी जेब खर्चों से बचा कर बच्चों को देना शुरू कर दिया । मगर जल्दी ही गाडी पटरी पर लौट आई और शिक्षकों से बातचीत के बाद बच्चों की दोबारा से स्कूलों में वापसी हो गई ।</p>
<p>इस बीच एक दिलचस्प वाकया और हुआ , मैं उन दिनों बीबीसी हिन्दी सेवा का एक घनघोर श्रोता हुआ करता था , और हमारे गांव में दो सालों से बच्चों को दोपहर भोजन योजना का लाभ न दिए जाने की बात को मैंने पत्र के माध्यम से बीबीसी हिन्दी सेवा को लिख भेजा संयोगवश सुबह की सभा में इस पत्र को जस का तस पढ दिया गया और उसके बाद उठे बवाल का असर ये हुआ कि अगले दो दिनों के भीतर ही दो साल का बकाया दोपहर भोजन का कोटा बच्चों को अनाज वितरित करके किया गया ।</p>
<p>खैर बीते दिनों के बाद , या कहें कि उसके बहुत दिनों बाद अब इस विद्यालय को देख कर बहुत अच्छा सा लगा , इसके विकास की झलक आप खुद देखिए</p>
<p style="text-align: center;">.</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3314.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2770 aligncenter" title="मध्य विद्यालय बिजई -ग्राम यात्रा " alt="scan pictures 3314" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3314.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">स्कूल का कक्षा भवन संभवत; दो कक्षाएं हैं .</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-33161.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2777 aligncenter" title="नाम पट्टिका -मध्य विद्यालय बिजई -ग्राम यात्रा " alt="नाम पट्टिका -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-33161.jpg" width="500" height="375" /></a>.स्कूल का नाप पट्ट</p>
<p style="text-align: center;">.</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3325.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2778 aligncenter" title="विद्यालय भवन -मध्य विद्यालय बिजई, ग्राम यात्रा " alt="विद्यालय भवन -मध्य विद्यालय बिजई," src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3325.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">स्कूल परिसर .</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3326.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2779 aligncenter" title="विद्यालय भवन -मध्य विद्यालय बिजई, ग्राम यात्रा" alt="विद्यालय भवन -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3326.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.झंडोतोलन मंच</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3313.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2780 aligncenter" title="विद्यालय का निर्माणाधीन  भवन -मध्य विद्यालय बिजई" alt="विद्यालय का निर्माणाधीन  भवन -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3313.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.निर्माणाधीन दोमंजिला कक्षा भवन</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3312.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2781 aligncenter" title="विद्यालय का निर्माणाधीन  भवन -मध्य विद्यालय बिजई" alt="विद्यालय का निर्माणाधीन  भवन -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3312.jpg" width="500" height="376" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.निर्माण कार्य जारी है मगर अवरोधों के साथ</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3324.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2782 aligncenter" title="विद्यालय का सूचना पट्ट  -मध्य विद्यालय बिजई" alt="विद्यालय का सूचना पट्ट  -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3324.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.दोपहर भोजन योजना से संबंधित सूचना पट्ट</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3318.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2783 aligncenter" title="विद्यालय का सूचना पट्ट  -मध्य विद्यालय बिजई" alt="विद्यालय का सूचना पट्ट  -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3318.jpg" width="450" height="601" /></a>.बाल संसद सूचना पट्ट</p>
<p style="text-align: center;">.</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3321.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2784 aligncenter" title="विद्यालय का सूचना पट्ट  -मध्य विद्यालय बिजई" alt="विद्यालय का सूचना पट्ट  -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3321.jpg" width="449" height="599" /></a></p>
<p style="text-align: center;">निर्देश सूचना पट्ट .</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3317.jpg" rel="prettyPhoto[2768]"><img class="size-full wp-image-2785 aligncenter" title="विद्यालय के हैंड पंप से पानी पीते बच्चे   -मध्य विद्यालय बिजई" alt="विद्यालय के हैंड पंप से पानी पीते बच्चे   -मध्य विद्यालय बिजई" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3317.jpg" width="501" height="376" /></a></p>
<p style="text-align: center;">स्कूल के अहाते में लगे चापाकल (हैंडपंप) के पास बालिकाएं</p>
<p style="text-align: left;">हां , एक बात ने फ़िर भी निराश किया कि अब भी शिक्षकों की भारी कमी है इस विद्यालय में जो कि सुशासन बाबू के राज में उम्मीद नहीं थी मुझे ।</p>
<p style="text-align: center;">
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		<title>टटका एवं टेस्टी न्यूज़ &#8230;</title>
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		<pubDate>Mon, 18 Mar 2013 13:49:47 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[खबरनामा]]></category>

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		<description><![CDATA[खबर सबर तो आप रोजिन्ना पढते ही होंगे फ़िर खबर पढ कर खूब कुढते ही होंगे , लेकिन हमारे खोपडे का हार्डवेयर थोडा सा अलग है सो खबर को पढते ही एकदम्म सन्नाट सा माथा में से उगता है ..जिससे कि ऊ टटका न्यूज़ टटका एवं टेस्टी न्यूज़ का फ़लेवर में आ जाता है ,(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/03/newspapers_27106f.jpg"></p><p><img class="alignnone" title="टटका एवं टेस्टी न्यूज़ " alt="टटका एवं टेस्टी न्यूज़ " src="https://encrypted-tbn2.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcQ12Tz0BipDoBui6Au3UoxgUp9EYlRWV5xyIfjIn7KpscednuCmrw" width="263" height="191" /></p>
<p>खबर सबर तो आप रोजिन्ना पढते ही होंगे फ़िर खबर पढ कर खूब कुढते ही होंगे , लेकिन हमारे खोपडे का हार्डवेयर थोडा सा अलग है सो खबर को पढते ही एकदम्म सन्नाट सा माथा में से उगता है ..जिससे कि ऊ टटका न्यूज़ टटका एवं टेस्टी न्यूज़ का फ़लेवर में आ जाता है , देखिए कईसे</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मेरे सब्र का इम्तहान न लिया कर जिंदगी , कभी तेरी हद लांघ जाउंगा मैं ,<br />
रख दूंगा ठोंकरों पे तुझे किसी दिन , जो सर पे कफ़न इक बांध जाउंगा मैं ,<br />
सच , नुकसान तेरा ही होगा , हमारे लिए जहां और भी हैं<br />
.<br />
बौरा जाओ कि हो जाओ मदहोश गम नहीं , अबे आ गया न ई फ़गुआ हो ,<br />
रंग- अबीर सराबोर करेंगे, खैंचेंगे ठंडाई और तर उडाएंगे दर्ज़न भर मलपुआ हो ,<br />
आहाहाहाहा &#8230;..//हो बोलो सारारारारा जोगीजी सारारारारारा <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
अबे कानून पे कानून बनाते जाते हो ,हमें भी टेम दो यार , तनिक बूझ लिया करें ,<br />
और जब साला हमही लोग के लागू होता है , तो हमसे भी कभी पूछ लिया करें ,<br />
मन तो करता है आपके बांस ठूस दिया करें<br />
.<br />
गज भर की इस जिंदगी में ,बित्ते भर के इश्क की ,उम्र बेशक बहुत थोडी है ,<br />
लम्हे को जी गए एक युग के जैसे, कसम से ,जब जब तूने ये धानी चूनर ओढी है<br />
.<br />
ल्यो जी , और सुनो , पाक संसद में अफ़ज़ल को हुई फ़ांसी की ,की गई निंदा ,<br />
ई देखो साला , भीख पर चल रहा गुजारा इनका , फ़िर भी बदला नहीं है धंदा,<br />
दुर लगाओ चार डंटा <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
कोरट का सखत आदेश , इटली के राजदूत अब देश नहीं छोड पाएंगे ,<br />
का बात करते हैं जी ,हमरे हाकिम हुसियार हैं , खुद उन्हें घर पहुंचा के आएंगे<br />
फ़िर मादाम के गाम का मामला है जी कोनो मजाक है क्या <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
युबराज के नेतृत्व में बड्डी पालटी कर रही है चुनाव की जोरदार रे टैयारी ,<br />
नयका जो बना है कानून , अबे उससे सुने हैं कि बहुत खुस हैं सिंघवी एंड टिवारी ,<br />
 <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
समय आ रहा है निराई गुडाई का , अबकि इस खेत की हर खरपतवार बीन लेना ,<br />
आम और अवाम की ताकत दिखाके ,इनके हर अधिकार-ओहदे, खास छीन लेना,<br />
अब फ़र्क मिटाने का वक्त आ रहा है<br />
.<br />
गजबे सिस्टम है ,देश पूछता सवाल तो इकोनोमिक्स वाले भी शायरी सुना रहे हैं<br />
संसद को करके ठप्प , सेक्स पर नाबालिगों की आपसी सहमति बना रहे हैं ,<br />
हां हां साला इहे न आज देश के लिए सबसे जरूरी मुद्दा है बकिया महंगाई, घोटाला, ई सब त लुद्दु फ़ुद्दु टाइप न हो गया है अब जी <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.</p>
<p>ओ इटली वाली , तू अबके जो जाना , नहीं फ़िर आना ,नहीं कुछ लेना है तेरी इस दुकान से , कि हम तो हाय लुट गए रे इस भुसकोल जी पिरधान से &#8230;<br />
..तर्ज़( ओ फ़िरकी वाली , तू कल फ़िर आना , नहीं फ़िर जाना &#8230;सिलेमा राजा और रंक से ) लगा के गाइए <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
अबे सुने हैं मिसाइल &#8220;निर्भय&#8221; निशाना चूक गया , इसको फ़ौरन ठीक कराओ रे ,<br />
आ छोडो चीन पाकिस्तान का लफ़डा , भर के गोला पहिले ई इटली को निपटाओ रे<br />
आ बीच में जो करे लपड झपड मईया तो उसके घरपे भी बरसाओ रे <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
सब तेरी नज़रों का कसूर है दिलबर, झुकी पलकों से जाने क्या कह जाती हैं ,<br />
खुशबू का झोंका सा उठता है रे ,जाने कहां से आकर आसपास तितलियां गाती हैं ,<br />
हाय उफ़्फ़ ,तेरी आंखें नूरानी ,तू करिश्माई ,जब भी आती है &#8230;.इश्क जिंदाबाद <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
पहिले मईया इटली आ भुसकोल पिरधान जी मिल के किए देश को बर्बाद जी,<br />
इसके बाद पिरेम से खुरच खुरच के खा रहे हैं मलाई , चोट्टे से दामाद जी ,<br />
हाय हाय वारि जाओ जी ..ई इटलीमती का कुनबा पे <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
बंद करो बे तन्खा उन्खा ई लोक का , साला कुछो नय करता है ई सब काम बे ,<br />
सरबा कुकर्म करे ई पांच सौ , आ फ़ोकट में हुई जाए ,ई बिचारा देस बदनाम बे ,<br />
सब ठो पपियाहा है भेजो बडका गाम बे <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
हट्ट , हुर्रर्र, धायं , ढिशुम ,ढिशिंग , घच्च , गुडुम , अबे हप्प हप्प हप्प ,<br />
अबे ई कईसा है लोकतंतर रे , सांसद सारे चालू आ सुसरी संसद रहती ठप्प ,<br />
बस पईसा चाहिए इनको दे लपा लप्प दे लपा लप्प <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
मैं बादल हूं युगों युगों से , तुम बिरहन सी मेरी चातक हो ,<br />
ये तय करना हुआ मुश्किल , मौसम है नशीला या तुम ही ज्यादा मादक हो &#8230;.<br />
.<br />
अमां सुना है फ़गुआने का टेम आ गिया है तो हो जईयो बलम जी तैयार हो,<br />
भर भर के जोगीरा उझीलेंगे आज से , ई सियासत को कर दो खबरदार हो ,<br />
 <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  सूता सूता उधेड डालेंगे ..हाकिम लंग लपाट हुई जाएंगे अबकि <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
अमां ,जो इस बडी सी अवाम को , कोई कानून की सारी धाराएं पढा दे ,<br />
खुद ही खुद पर करे सरकार मुकदमा ,और खुद को ही फ़ांसी पर चढा दे ,<br />
क्योंकि अवाम भी सरकार के लिए यही सज़ा मुकर्रर करेगी &#8230;सज़ा-ए-मौत<br />
.<br />
ये ठीक है कि एकदिनी गुनाह की पूरे पांच सालों तक हमें सज़ा होती है ,<br />
मगर ये न भूलना हाकिम ,राजे रजवाडों की नस्ल भी पहले तो ,प्रज़ा होती है ,<br />
ध्यान रहे ये &#8230;.बराबर ध्यान रहे<br />
.<br />
जानते हैं &#8230;.ई आजकल का पोलटिकल सिचुएसन देख के कहियों से आपको ई पोलटिकल ..Science कहलाने लायक कहलाने के लिए छोडा है हमारा माननीय लोग ..टोटल हरकत तो हम Arts से भी भोचंड वाला कर रहिस है &#8230;.फ़िर काहे का Science हो ..<br />
.<br />
हमको तो लग रहा है कि अपने पिरधान जी का गोरमेंटी रिपोर्ट कार्ड में डिस्टिंक्सन इन घोटाला देख के कहीं संयुक्त राष्ट्र संघ इकोनोमिक्से पर बैन न लगा दे , बहुते घातक विषय साबित हुआ है ई देस के लिए <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
ये सचमुच ही आ गया है वसंत न , कि , कहीं तुम ही फ़गुनिया चुन्नी ओढी हो ,<br />
ऐसे में भला किसका दोष तय करें , जब रुत हो ऐसी तो दिल क्यों न चोरी हो ??<br />
.<br />
जल्दी ही देश में ,एक समान न्यूनतम मजदूरी ,तय करेगी सरकार ,<br />
उससे पहिले अधिकतम घोटाला राशि भी तो तय करिए एक बार ,<br />
अरे ई जादा बेनिफ़िसियल रहेगा जी<br />
.<br />
ई फ़ेसबुकवा पूछता है बार बार What&#8217;s in your mind &#8230;..हम लिखना चाह रहे थे पिरधान जी &#8230;फ़िर दिखाया See Translation ..हम कहे अबे भक्क जब ओरिजनले वर्जन बोका निकला है तो ट्रांसलेसन से &#8230;बोकवा का हुसियारी नय न बढ जाएगा<br />
.</p>
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		<title>उम्र का मोहताज़ एक बूढा कानून ..juvenile justice act</title>
		<link>http://ajaykumarjha.com/archives/2810</link>
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		<pubDate>Sun, 03 Feb 2013 12:41:19 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[आज का मुद्दा]]></category>
		<category><![CDATA[कोर्ट कचहरी]]></category>
		<category><![CDATA[juvenle justice act]]></category>
		<category><![CDATA[अव्यस्क]]></category>
		<category><![CDATA[कानून]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली बलात्कार कांड]]></category>
		<category><![CDATA[बहस]]></category>
		<category><![CDATA[वर्मा कमेटी रिपोर्ट]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; &#160; &#160; दिल्ली बलात्कार कांड ने एक तरफ़ जहां चूलों तक हिल चुके इस समाज को झिंझोड कर रख दिया वहीं उसके बाद के घटनाक्रमों ने आम लोगों के सामने , सरकार , पुलिस ,कानून ,व प्रशासन के असली चरित्र को सामने रख दिया । मीडिया कवरेज के इस आधुनिक दौर में इस अपराध(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/02/Justice_B_22012013.jpg" rel="prettyPhoto[2810]"><img class="size-full wp-image-2824 aligncenter" title="juvenile justice act " alt="juvenile justice act " src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/02/Justice_B_22012013.jpg" width="260" height="195" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दिल्ली बलात्कार कांड ने एक तरफ़ जहां चूलों तक हिल चुके इस समाज को झिंझोड कर रख दिया वहीं उसके बाद के घटनाक्रमों ने आम लोगों के सामने , सरकार , पुलिस ,कानून ,व प्रशासन के असली चरित्र को सामने रख दिया । मीडिया कवरेज के इस आधुनिक दौर में इस अपराध के रेशे रेशे तक को उधेड कर लोगों के दिलो दिमाग में पहुंचा दिया गया । यहां तक कि  प्रत्यक्षदर्शीयों के बयानों ने रही सही कसर भी पूरी कर दी जब बलात्कार कांड के एक पीडित युवक ने पुलिस व प्रशासन की कलई तब खोली जब उसने ये बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकार को लेकर उलझी रही वहीं प्रदर्शन के दौरान नियुक्त एक कांस्टेबल की मौत की पुलिस थ्योरी पर दो चश्मदीदों ने करारा सा प्रश्न चिन्ह लगा दिया ।</p>
<p>.</p>
<p>अपराध और कानून का प्रत्यक्ष संबंध है इसलिए स्वाभाविक रूप से इस अपराध के बाद भी लोगों का ध्यान बरबस ही कानून की उन धाराओं की तरफ़ भी चला गया जो इस बलात्कार के अपराध के लिए दोषी थे । पीडिता जितने दिन भी जीवित थी उन दिनों भी जब जन संघर्ष चल रहा था तो बलात्कार के लिए दोषी को फ़ांसी देने की मांग उठने लगी थी या कहा जाए कि दोहराई जा रही थी क्योंकि ये मांग पहले भी उठती रही थी । पीडिता युवती की मौत ने कम से कम इस आपराधिक घटना को उस स्तर का बना दिया था कि  जहां आरोपियों को मौत की सज़ा की अपेक्षा की जा सकती थी ।</p>
<p>.</p>
<p>इस बीच सरकार ने आदतन एक न्यायिक आयोग गठन करके उसे इस समस्या पर अपनी संस्तुति देने को कहा । आयोग ने सार्वजनिक आग्रह से आम लोगों सहित तमाम सूत्रों से सुझाव मांगे । देश के इतिहास में रिकार्ड सुझाव देते हुए आम लोगों ने अपनी भावना ज़ाहिर करने के साथ ही अपना मंतव्य भी न सिर्फ़ आयोग , बल्कि पूरे देश के सामने जाहिर किया और करते आ ही रहे हैं । इस बीच एक नया मोड ये आ चुका था कि दिल्ली बलात्कार के सबसे अधिक दुर्दांत अपराधी , जिसने वहशीपने की सारी हदें पार करते हुए पीडिता युवती की हालत एक लाश जैसी कर दी बल्कि अपने सह आरोपोयों को भी इस बात के लिए उकसाया कि उन्हें बस से कुचल कर सारे सबूत गवाह सिरे से मिटा दिए जाएं , इस आरोपी ने कानून में बनाए गए एक और छिद्र का सहारा लेकर खुद को अवयस्क माने जाने और तदनुसार ही कानूनी कार्यवाही चलने की अर्ज़ी लगा दी ।</p>
<p>.</p>
<p>आम लोगों को जब ये पता चला कि मौजूदा कानूनों के अनुसार ही यदि इस अवयस्क बता रहे आरोपी पर मुकदमा चला तो फ़ांसी और उम्रकैद तो दूर की बात है ये ज्यादा से ज्यादा तीन वर्ष की सज़ा पाएगा । इस बात ने लोगों को और भी अधिक आंदोलित कर दिया । न सिर्फ़ आम लोगों को बल्कि सरकार व प्रशासन भी स्थित को बखूबी भांप रहे थे । इसी मुद्दे के मद्देनज़र देश भर के पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई गई जिन्होने अपेक्षित रूप से और पिछले समय में अपराध में किशोरों की लिप्तता ( राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के  आंकडे के मुताबिक पिछले ११ वर्षं में अपराध में अवयस्कों तथा युवाओं की लिप्तता एक सौ बीस प्रतिशत तक बढ गई ह ऐ ) को ध्यान में रखते हुए वर्तमान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष को तर्कसंगत रूप से कम करने की बात पर सहमति जताई ।<br />
.<br />
वर्मा कमेटि की रिपोर्ट में अनुशंसित सिफ़ारिश में इस उम्र को ही पर्याप्त माना गया इसलिए अब ये संभावना बिल्कुल क्षीण हो गई है कि सरकार किसी नए संशोधन में <a href="http://en.wikipedia.org/wiki/The_Juvenile_Justice_%28Care_and_Protection_of_Children%29_Act,_2000" target="_blank">जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (juvenile justice act ) </a>    में किसी तरह का कोई फ़ेरबदल करेगी । दूसरी बात ये भी अब स्पष्ट हो चुकी है कि जुवेनाइल कोर्ट द्वारा उसके सामने लाए गए प्रमाणों से उसने ये मान लिया है कि छठा आरोपी अवयस्क था , हालांकि इस बात पर भी अब बहस तेज़ हो गई है कि क्या अन्य विकल्पों को नहीं आज़माया जाना चाहिए था । किंतु विधि विशेषज्ञ जानते व बताते हैं कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड अपने इस निर्णय और इस निर्णय पर पहुंचने की प्रक्रिया से बाध्य है इसलिए इससे इतर वो कुछ भी नहीं कर सकता था ।</p>
<p>.</p>
<p>अब यहां कुछ बातें गौरतलब हैं और एक प्रश्नचिन्ह की तरह सामने खडी हैं कि जब पुलिस और राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकडे बताते हैं कि पिछले एक दशक में ही देश भर में युवाओं की लिप्तता विभिन्न अपराधों में बहुत ज्यादा हो गई है और खुद<a href="http://supremecourtofindia.nic.in/" target="_blank"> माननीय सर्वोच्च न्यायालय </a>ने , समय समय पर आए अपने फ़ैसलों में इस बात को माना है कि हर समय और हर कृत्य में स्थिति एक जैसी नहीं रहती है । उल्लेखनीय है कि अभी कुछ वर्षों पर एक नाबालिग जोडे के विवाह को वैधानिक मान्यता प्रदान करते हुए अदालत ने टिप्पणी की थी कि &#8221; मौजूदा वाद में नाबालिग युवती जिसने इस नाबालिग युवक के साथ विवाह किया है वो विवाह जैसे सामाजिक संस्था का महत्व व अर्थ भलीभांति समझ सकती है क्योंकि  , राजधानी दिल्ली जैसे आधुनिक व विकसित नगरीय क्षेत्र में पले बढे बच्चों व युवक युवतियों का मानसिक व शारीरिक स्तर , ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा कहीं अधिक परिपक्व होता है इसलिए इस विवाह को भी वैधानिक मान्यता दी जाती है । इस फ़ैसले पर भी काफ़ी हो हल्ला के होने के बावजूद भी तार्किक रूप से ये सही माना गया था ।</p>
<p>.</p>
<p>मौजूदा स्थिति में उस आरोपी जिसे मानवीय संवेदनाओं और लोगों की भावनाओं तथा अपने द्वारा किए गए सबसे घृणित कुकृत्य के लिए भी कायदे से सबसे ज्यादा कठोर सज़ा मिलनी चाहिए , संभावना ये बन गई है कि उसे नाममात्र की सज़ा मिल पाएगी । हां यदि पुलिस व अभियोजन पक्ष इसके खिलाफ़ अपनी लडाई को सर्वोच्च स्तर तक और माननीय उच्चतम न्यायालय तक ले जाए तो ये उम्मीद की जा सकती है कि एक बार फ़िर से अदालत लोगों के सामने एक नई नज़ीर पेश कर दे ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>क्लोरमिंट खाओ , बत्ती जलाओ&#8230;&#8230;खबराटा</title>
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		<pubDate>Sat, 26 Jan 2013 16:13:15 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[खबरनामा]]></category>
		<category><![CDATA[आम आदमी की नज़र]]></category>
		<category><![CDATA[उलटा पुलटा]]></category>
		<category><![CDATA[कविता फ़विता]]></category>
		<category><![CDATA[चटपटी खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[टिप्पणी]]></category>
		<category><![CDATA[तीखी मिर्च]]></category>
		<category><![CDATA[दो पंक्तियां]]></category>
		<category><![CDATA[नज़रिया]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; &#160; अरिस्स साला , ई मक्खीचंद पाकिस्तान हमेशा ही नयका बवाल देता है, औकात इत्ती है कि ,सुप्रीम कोर्ट इनके PM का कान पकड के निकाल देता है, दुर इससे का वार्ता फ़ार्ता करना है जी , दू लात उसका सुप्रीम कोर्ट मारता है , दू लात का सहयोग हम लोग को भी करते(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/newspapers_27106f.jpg"></p><p>&nbsp;</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/news.jpg" rel="prettyPhoto[2792]"><img class="alignnone size-full wp-image-2793" alt="news" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/news.jpg" width="400" height="300" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अरिस्स साला , ई मक्खीचंद पाकिस्तान हमेशा ही नयका बवाल देता है,<br />
औकात इत्ती है कि ,सुप्रीम कोर्ट इनके PM का कान पकड के निकाल देता है,<br />
दुर इससे का वार्ता फ़ार्ता करना है जी , दू लात उसका सुप्रीम कोर्ट मारता है , दू लात का सहयोग हम लोग को भी करते रहना चाहिए जब तब ।<br />
.<br />
संभल जाओ बे , खैरात पे पलने वालों ,मिट जाओगे , गुस्से में हम अगर आएंगे,<br />
जब तलक बख्श रहे हैं , ठीक है , जिस दिन बरस पडे कयामत सा कहर ढाएंगे ,<br />
सालों नामोनिशान मिट जाएगा तुम्हारा दिल्ली से लाहौर तक हम ही नज़र आएंगे<br />
.<br />
याद रखो इतिहास अपना वर्ना कहो तो हम पढ के दोबारा सुना देंगे,<br />
अबे पहले भी किया है ये काम ,तुम्हारे टुकडे करके दो चार देश और बना देंगे,<br />
फ़िर मांगते रहना भीख अपने हुक्मरानों से ,<br />
वो भी साले तंग हो जाएंगे एक दर्ज़न पाकिस्तानों से <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
भ्रष्टाचार , कानून व्यवस्था , घटिया राजनीति , सारे के सारे मुद्दे हो गए गोल ,<br />
साला दिन रात बस एक्के खबरिया , महंगा हो गया फ़िर से डीज़ल और पेट्रोल ,<br />
अबे पटक के फ़ाड ही डालो न , रोजिन्ना काहे पीटते ढोल<br />
.<br />
पूर्व मुख्यमंत्री चौटाला आरोपी साबित ,पुत्र समेत भेजे गए जी जेल ,<br />
अमां सबको बनाओ पसिंज़र इसका , कुछ अईसी ही चलाओ न रेल,<br />
ससुरे बहुत खेल लिए खेल , अब सबको भीतर दिया जाए जी ठेल <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
बामुलाहिज़ा होसियार खबरदार , सरकार जल्दी ही खोलेगी नए घोटालों का टेंडर,<br />
चुप्पे से फ़िर हेडलाइंस छपेगा , हुर्रेर्रे , छ: से टोटल नौ हो गए सस्ते वाले सलेंडर,<br />
कुर्सिया पर बैठ गए हाय हाकिम मोरे लफ़ंडर <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
खराब स्वास्थ्य के आधार चौटाला ने सज़ा कम करने की लगाई है गुहार,<br />
अबे धराते ही लंबलेट हो जाते हो , परमानेंटली ही काहे नहीं जाते नर्क सिधार,<br />
जित्ता करना था देश का बंटाधार , अब तो निकल लो न यार <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
कांग्रेस के चिंतन शिविर में वरिष्ठ नेताओं के बीच घमासान के पूरे हैं आसार,<br />
ल्यो जी अभिए से ,काहे बे ,बब्बा राहुल आ मईया इटली कर देंगी न बेडा पार,<br />
पब्ल्कि तो पहिले ही चिंतन करके है तैयार , दु दु जुत्ता सबको लगाएगी यार <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
नयका उपाध्यक्ष राहुल जी :विश्वास है हम देश को बदल सकते हैं ,<br />
बस ये और बता दें कि बिना मम्मी के कित्ते कदम चल सकते हैं ,<br />
बेट्टा बनबीटा पियो खैंच खैंच के , फ़िर बड्डे हो जाओगे <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
एक लंबर आ दुई लंबर का हो गया फ़ैसला , लंबर तीन पर भी न होगा कोई बखेडा ,<br />
अमां मम्मी आ पुत्तर दुन्नो फ़िट भए , अगले पायदान पे फ़िट होंगे राबट्ट बढेरा,<br />
पकिया पालटी बजाएगी ढोल तासे आ बांटेगी रे पेडा <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
जे बात , दिल्ली रेप केस में एक ठो आई है , नई डिमांड सुनोजी,<br />
इस केस की सुनवाई दिल्ली में नहीं मथुरा में चाहता है आरोपी ,<br />
जियोह्ह , अबे मथुरा ,मेरठ , काहे अपने घर दालान पे करालो सुनवाइ &#8230;कानून में फ़ेरबदल किया जाए जी &#8230;इंसाफ़ मिलना ही चाहिए इनको<br />
.<br />
चिंतन मंथन, बैठक बैठकी का , हाय हाय बडा शोर था सुना रे ,<br />
अबे ये क्या , फ़िर से तुमने एक भोंदू को ही अपना नेता चुना रे ,<br />
अरे हुन हुना हुन हुना अरे हुन हुना हुना रे <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
मईया गांधी : भ्रष्टाचार किसी भी स्तर का हो , बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ,<br />
माने कि ,जब भी माल लिया जाएगा ,स्तर से नीचे गिर कर ही लिया जाएगा ,<br />
व्हाट एन आइडिया मेडम्म जी <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
हम मुगालते में थे या शायद गफ़लत में , जनाब जाने किस बात पे ऐंठे हैं ,<br />
दुर साला बाद में पता चला हाकिम लोग चिंतन करके अपना नेता खोजने बैठे हैं,<br />
आ सोचिए केतना आ कईसा चिंतन किए राहुल बबा का सलेक्शन किए हैं<br />
.<br />
राहुल बबा : अम्मी रात रोने लगीं और फ़फ़क के बोलीं , सत्ता तो ज़हर है ,<br />
लेकिन समझ के कोल्ड ड्रिंक इसे पीने को लगी इटली वालों की भी नज़र है,<br />
अबे ई कौन टाइप का ज़हर है बे , साला सबके मुंह में स्वाद आ रहा है इसका <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
मोमता दीदी ने दिया बयान : क्या मैं पीएम की करूं पिटाई ,<br />
हाय हाय , इत्ता भालो बयान देने में इत्ती देर काहे रे लगाई ,<br />
फ़ौरन ही अमल करो न माई<br />
.<br />
लो आ गई रिपोर्ट ,मौत की सज़ा के पक्ष में नहीं है ,जस्टिस वर्मा कमेटी ,<br />
धत रे ,फ़िर वही बात, अरे जरा उससे पूछते न , जिसकी चली गई रे बेटी,<br />
बजाते रहिए अब ढोलक-पेटी<br />
.<br />
अमां इस देश का क्या ये हाल देखो न आज हुआ है ,<br />
लोकतंत्र में &#8220;लोक&#8221; &#8220;तंत्र &#8220;का कितना मोहताज़ हुआ है ,<br />
गणतंत्र दिवस नज़दीक है , और गणतंत्र &#8230;&#8230;कितना दूर है<br />
.<br />
वो दामन संभाल रहे हैं ,हम अपना गुस्सा उबाल रहे हैं ,<br />
जवां हो गई तो कयामत होगी, हम बगावत पाल रहे हैं<br />
समझ रहे हैं न हाकिम , नहीं तो हम समझाएंगे तरीके से <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
जस्टिस वर्मा समिति की रिपोर्ट पर संसदीय समिति करेगी विचार ,<br />
लेकिन उन अपराधियों का क्या होगा हाकिम जो खुद चला रहे सरकार ,<br />
इसलिए तो कहते हैं हम &#8230;.भईया जी ईईईश्श्श्श्श्माईईईईल <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में सुरक्षा हुई चाक-चौबंद ,<br />
छाती फ़ुला के दिखाएंगे तमाशा फ़िर से हजूर ,अईसा किया गया प्रबंध<br />
हस्तिनापुर की बागडोर थाम के बैठे हैं फ़िर कुछ अंध <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
जिनकी शहादत ने दी आज़ादी वो जो आज ज़िंदा होते ,<br />
राजपथ से दूर खडे , रोते और शर्मिंदा होते &#8230;.. (:<br />
.<br />
सरकार ने निजी स्कूल बसों के लिए नियम और कडे किए ,<br />
पुलिस ने उगाही के लिए अतिरिक्त कांस्टेबल खडे किए <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /> </p>
<p>बेशक हाकिम, हर साल की तरह इस बार भी आप छाती फ़ुला कर जरूर आइए ,<br />
कान ढांप लेना मालिक जब राजपथ के पार्श्व से गूंजे मुझे न्याय चाहिए , मुझे न्याय चाहिए &#8230;<br />
नहीं तो वहां भी साइलेंसर फ़िट करवा देना ,या तोपों से ही उडवा देना <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
हाय हाय ,अब तो रहने दीजीए जी पिछले दिनों आप हाकिम को कितना डांटे हैं<br />
अजी सुना है कि सरकार ने बडे जोश खरोश के साथ फ़िर कुछ सम्मान बांटे हैं ,<br />
काश कि थोडा सम्मान खुद के लिए भी बचा लेते हजूर<br />
.<br />
होए ! कल तो झंडा फ़हराएंगे , सबको अपने हवाई जहाज़ और तोप दिखाएंगे ,<br />
बस इत्ता और बता देते हाकिम ,दामिनी के अपराधियों को कब फ़ांसी लटकाएंगे,<br />
जो आप नहीं बताएंगे, तो फ़िर क्या मुंह दिखाएंगे ????<br />
.<br />
चल आ बैठ मेरे साथ देश मेरे , दूं गणतंत्र की मैं भी मुबारकबाद तुझे ,<br />
मैं जानता हूं दर्द तेरा ,खुद अपने हाथों से कुछ अपने ,कर रहे बर्बाद तुझे<br />
.<br />
हेडली को मिली 35 वर्ष की सज़ा , सुना भारत इससे बहुत है नाखुश ,<br />
अच्छा जी , अगर भारत में होता तो ये भी न मिलती , अबे हुश हुश हुश ,<br />
भोपाल गैस के एंडरसनवा को तो पिलेन में बिठा के घरे छोड आए थे जी <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
.<br />
राष्ट्रपति दादा मुखर्जी ने देश के नाम संदेश में , नैतिकता पर दिया जोर ,<br />
नैतिकता ? हाय हाय ! उफ़्फ़ ये क्या बला है ,चारों तरफ़ मच गया रे शोर ,<br />
ई तो भाषण एकदम्मे कर गया बोर &#8230;&#8230;<br />
.<br />
न्यूज़ चैनल बोलिस : देश गौरवशाली गणतंत्र की चौसठवीं सालगिरह मना रहा है,<br />
अबे हटो बे , ई कहो न , कि सवा पांच सौ का ग्रुप सवा अरब को फ़ुद्दू बना रहा है ,<br />
सवा पांच सौ कौन &#8230;.दोबारा मत पूछना <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' />  ..क्लोरमिंट खाओ , बत्ती जलाओ<br />
.<br />
हद है उनकी हरकतें कि ,वो हर बार लोकतंत्र को ,पलीता लगा आते हैं ,<br />
और शराफ़त देखिए गणतंत्र की , तोप फ़िर भी उनकी सलामी बज़ा आते हैं<br />
दुन्नो कमाल है जी दुन्नो कमाल <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /> </p>
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		<title>वर्मा कमेटी , बलात्कार , फ़ांसी  और आम आदमी</title>
		<link>http://ajaykumarjha.com/archives/2772</link>
		<comments>http://ajaykumarjha.com/archives/2772#comments</comments>
		<pubDate>Fri, 25 Jan 2013 14:28:36 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[आज का मुद्दा]]></category>
		<category><![CDATA[कुछ भी कभी भी]]></category>
		<category><![CDATA[झा जी कहिन]]></category>
		<category><![CDATA[justice verma committee report]]></category>
		<category><![CDATA[आम आदमी]]></category>
		<category><![CDATA[जस्टिस वर्मा कमिटि]]></category>
		<category><![CDATA[प्रतिक्रिया]]></category>
		<category><![CDATA[रिपोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[सज़ा]]></category>
		<category><![CDATA[फ़ांसी]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; &#160; बीते हुए साल ने जाते जाते इस देश को जैसे आइना दिखा दिया । दिल्ली बलात्कार कांड ने इस देश को , इस समाज को , सरकार , प्रशासन , पुलिस , कानून और देश के जनप्रतिनिधियों तक को उनकी असलियत से रूबरू करा दिया । एक युवती जिसे , शहर के बीचों(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/rape_law_kanoon_2313.jpg"></p><p>&nbsp;</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/rape_law_kanoon_23131.jpg" rel="prettyPhoto[2772]"><img class="alignnone size-full wp-image-2774" title="वर्मा कमेटी रिपोर्ट " alt="जस्टिस वर्मा -रिपोर्ट " src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/rape_law_kanoon_23131.jpg" width="630" height="420" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बीते हुए साल ने जाते जाते इस देश को जैसे आइना दिखा दिया । दिल्ली बलात्कार कांड ने इस देश को , इस समाज को , सरकार , प्रशासन , पुलिस , कानून और देश के जनप्रतिनिधियों तक को उनकी असलियत से रूबरू करा दिया । एक युवती जिसे , शहर के बीचों बीच , चलती हुई बस में हैवान बने कुछ इंसानों ने मांस के लोथडे की तरह नोंच खसोट कर उठा कर फ़ेंक दिया । उसकी अपनी जिद्द और जिजिविषा कि , मौत से पंजा लडाते हुए भी बार बार हिम्मत न हारती सी रही , मगर नियति के हाथों मजबूर आखिरकार हार कर चली गई । लेकिन तब तक इस जघन्य कांड की प्रतिक्रिया इतनी तीखी और व्यापक हुई कि इसने पूरे देश का ध्यान महिलाओं /युवतियों /बच्चियों के प्रति हो रही और निरंतर बढ रही हिंसक घटनाओं की तरफ़ खींच लिया । आम लोग जो पहले ही सरकार और प्रशासन से बहुत से मुद्दों पर नाराज़ थे उनके सब्र का बांध टूट गया और वे सडकों पर निकल आए । सरकार ने आनन फ़ानन में हमेशा की तरह एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन कर दिया जिसे एक माह के भीतर ही बलात्कार और ऐसे अपराधों के विषय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया । आयोग ने पूरे देश से रिपोर्ट और अनुशंसा के लिए सुझाव मांगा और शायद ये पहला अवसर रहा जब किसी आयोग को एक सप्ताह के भीतर भीतर लगभग अस्सी हज़ार सुझाव पत्र मिले । आम आदमी से लेकर , राजनीतिक दलों व स्वयं सेवी संगठनों तक ने अपने सुझाव कमेटी को भेजे जिसने उन सबका अध्य्यन करके आखिरकार अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की ।<br />
.<br />
मोटे मोटे तौर पर देखा जाए तो जस्टिस वर्मा ने बहुत विस्तार से और बहुत सारे मुद्दों पर अपनी अनुशंसा दी है । बलात्कार , महिलाओं के साथ होने वाली छेडखानी , उन पर तेज़ाब फ़ेंकने जैसे अपराध , और मानव तस्करी और दहेज़ तक की समस्याओं का बारीकी से अध्य्यन करके सभी बिंदुओं पर अलग अलग राय रखी है । ये तो आना वाला समय ही बताएगा कि इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद और संसदीय समिति की सिफ़ारिशों के अनुरूप सरकार इनमें से कितनों पर और क्या फ़ैसला लेकर कानून और व्यवस्था में कितना परिवर्तन लाएगी और उसके भी बहुत समय बाद पता चलेगा कि उन नई व्यवस्थाओं से परिस्थितियों में कितना बदलाव आएगा । रिपोर्ट बहुत ही विस्तृत है और पुलिस की कार्यप्रणाली से लेकर जनप्रतिनिधियों जिनमें देश के नेता , विधायक व सांसद भी शामिल हैं के इन अपराधों में लिप्त पाए जाने तक पर बहुत सी बातें कही लिखी गई हैं , किंतु जो दो सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा में रहे हैं , रिपोर्ट आने के बाद वो हैं -बलात्कार जैसे जुर्म के लिए फ़ांसी या रासायनिक बंध्याकरण जैसे वैकल्पिक सज़ा के प्रावधानों को सिरे से नकार देने  का फ़ैसला और दूसरा है अवयस्क अपराधियों की उम्र में किसी भी फ़ेरबदल की गुंजाइश से इंकार ।</p>
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<p>बलात्कार के लिए फ़ांसी की सज़ा की मांग पहले भी उठती रही है और बहुत सारे कारणों से इसे टाला भी जाता रहा है जबकि अरूणा शानबाग जैसी बलात्कार पीडिता जिसने अपने जीवन के चालीस साल कोमा में रहते हुए अस्पताल के बिस्तर पर काटे और जिसके लिए दया मृत्यु की याचिका तक लगा दी गई जैसे घृणित अपराध और निठारी कांड जैसे अमानवीय कुकृत्य जैसे अकल्पनीय अपराधों की लंबी फ़ेहरिश्त है कि जिन्हें आधार बना कर ऐसे अपराधों पर सख्त कानून बनाने के लिए इस मौजूदा बलात्कार कांड का इंतज़ार करने की जरूरत नहीं थी । वर्तमान में विश्व में फ़ांसी की सज़ा के खिलाफ़ मानवाधिकारवादियों द्वारा चलाई गई मुहिम का नतीज़ा है कि हर साल विश्च के कुछ देश अपने यहां से मौत की सज़ा के प्रावधान को समाप्त करके इसका ढिंढोरा भी पीटते हैं । इस बार भी भारत और अमेरिका सहित उन गिने चुने बाइस तेइस देशों की संयुक्त राष्ट्र संघ मे तीव्र भर्तस्ना की गई जिन्होंने अपने यहां मौत की सज़ा को बनाए रखने का मत दिया था । ऐसे में जस्टिस वर्मा कमेटी का फ़ांसी की सज़ा के हक में न रहना समझ में आता है ।या फ़िर इसका एक कारण यह भी रहा हो कि जैसा कि बलात्कार के लिए फ़ांसी की सज़ा देने के खिलाफ़ रहने वालों का मत रहा है कि इससे बलात्कार पीडिताओं को कत्ल कर दिए जाने का खतरा बन जाएगा । लेकिन क्या वास्तव में ही बलात्कार किसी की हत्या से कम जघन्य अपराध माना जा सकता है ???<br />
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वैकल्पिक सज़ा जैसे रासायनिक बंध्याकरण या नंपुसक बना दिए जाने जैसी सज़ा को भी जस्टिस वर्मा आयोग ने सही नहीं ठहराया है जबकि पिछले दिनों ही खुद न्यायिक हलकों में से ये आवाज़ आई थी कि अब जबकि पारंपरिक सज़ाओं से बलात्कार जैसे अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं तो क्यों न इन वैकल्पिक दंड व्यवस्थाओं को अपनाया जाए । इस बार को महिला आयोग ने भी अपना मत कुछ कुछ इसी दंड व्यव्स्था के हक में रखा था । हालांकि जैसा कि कुछ समाजशास्त्रियों और कानूनविदों ने शंका भी ज़ाहिर की थी कि यदि इस सज़ा को अमल में लाया गया तो हो सकता है कि इस सज़ा को पाए हुए अपराधी और ज्यादा कुंठित होकर समाज के लिए ज्यादा खतरनाक हो जाएं ।</p>
<p>.</p>
<p>अब सबसे अहम सवाल ये है कि ऐसे में जबकि बलात्कार के लिए फ़ांसी की सज़ा की मांग हो रही है , इसके बावजूद भी ऐसी आपराधिक मानसिकता वाले लोगों की जुर्रत पर कोई फ़र्क नहीं पड रहा है , रोज़ बलात्कार , महिलाओं के प्रति हिंसा , महिलाओं /युवतियों पर तेज़ाब फ़ेंकने जैसी कितनी ही घटनाएं घट रही हैं । जब मौत का डर भी इस अपराध को रोकने में नाकाम हो रहा है तो उससे कम की सज़ा तो क्या ही फ़र्क डालेगी । जहां तक उम्र कैद या बहुत ज्यादा लंबी सज़ा के विकल्प का विचार है तो नि:संदेह ये आखिरी विकल्प ही साबित होगा , मगर भारत जैसे बहुत अधिक जनसंख्या और उतने ही अपराध वाले देश में सालों तक कैदियों का रखरखाव भी एक बहुत बडी समस्या बन जाएगी । सरकारी धनबल पर ऐसे अपराधियों को जीवन भर पालना कोई बेहतर व्यवस्था नहीं कहा जा सकता है ।</p>
<p>.</p>
<p>दूसरा अहम सवाल जो अब भी अधर में लटका हुआ है कि क्या सरकार अवयस्क अपराधी की उम्र सीमा में कोई परिवर्तन करने जा रही है ताकि दिल्ली बलात्कार कांड में सबसे ज्यादा घृणित और अमानवीय व्यवहार करने वाला अपराधी इस कानून का लाभ उठाकर खुद को कडी सज़ा से साफ़ बच निकालने में कामयाब हो जाए । जस्टिस वर्मा समिति की रिपोर्ट जब तैयार हो रही थी तभी देश के पुलिस अधिकारियों की बैठक में यही मंतव्य निकल कर आया था कि पिछले कुछ समय में अवयस्क और बाल अपराधियों का अपराध में लिप्तता का जो चौंकाने वाला आंकडा निकल कर सामने आया है तो नि:संदेह बहुत खतरनाक है । बदलते हुए समय के साथ बच्चों , युवाओं , विशेषकर शहरी युवाओं की सोच और समझ की परिपक्वता तयशुदा प्राकृतिक उम्र से कहीं पहले ही दिख रही है । वर्मा समिति ने इस विषय पर स्पष्ट कह दिया है कि बाल अपराधियों की न्यूनतम आयु सीमा मौजूदा कानूनों के अनुसार बिल्कुल ठीक है और उसमें फ़ेरबदल की कोई जरूरत नहीं है । यदि ऐसा ही है और सरकार भी ऐसा ही सोचती व फ़ैसला करती है तो फ़िर दिल्ली बलात्कार कांड और पीडिता युवती की नृशंस हत्या के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार उस युवक को ज्यादा से ज्यादा तीन साल की सज़ा दी जा सकेगी ।<br />
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यहां एक तथ्य गौरतलब है और जैसा कि कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए हैं कि यदि किसी को कम उम्र होने के बावजूद भी उसे उच्च शिक्षा के लिए अनुमति देने में अदालतें फ़ैसला सुना सकती हैं और जैसा कि अभी कुछ समय पहले एक नाबालिग युवक और युवती की शादी को अदालत ने इस तर्क के साथ वैध ठहराया था कि चूंकि वे राजधानी के विकसित और आधुनिक परिवेश में पले बढे हैं और उस लिहाज़ से काफ़ी परिपक्व हैं बनिस्पत किसी ग्रामीण व सुदूर क्षेत्र के बच्चों से तो क्या इस मौजूदा वाद में अदालत यही साहस नहीं दिखा सकती । किंतु दीवानी और फ़ौज़दारी मुकदमे की प्रकृति में बहुत फ़र्क होता है । फ़िलहाल की स्थित में कम से कम अधीनस्थ न्यायालय तो कोई ऐसा फ़ैसला नहीं सुना सकती जो कानून की संहिताबद्ध धाराओं से परे हो । अपीलीय अदालत भी शायद ही ऐसा कर पाएं । इसलिए उस कम उम्र अपराधी और उस जैसे अन्य अपराधियों को सज़ा देने दिलाने के लिए कानून में परिवर्तन करना ही आखिरी विकल्प है ।</p>
<p>.</p>
<p>इन सबसे अलग , कुछ सवाल और कोने और भी हैं जो जस्टिस वर्मा समिति से छूट गए हैं , उनमें से पहला है देश , सरकार , समाज और संस्थाओं द्वारा तलाकशुदा , विधवाओं और सबसे अधिक कुंवारी मांओं की जिम्मेदारी उठाना व उन्हें पर्याप्त संरक्षण तथा मान देना । वर्मा समिति समेत देश के प्रधान न्यायाधीश अल्तमश कबीर तक कह व मान चुके हैं कि इस घटना से उद्वेलित होकर युवाओं व आम लोगों का प्रतिक्रियास्वरूप आंदोलनरत हो जाना स्वाभाविक भी था और ठीक भी । मगर उस आंदोलन में उठती हुई आवाज़ पीडिता के लिए इंसाफ़ मांग रही थी उसका क्या ? यदि कम उम्र होने के कारण दिल्ली बलात्कार कांड का ये मुजरिम बच निकलता है तो फ़िर क्या अर्थ रह जाएगा लाखों लोगों की भावनाओं का । क्या ये न्याय होगा उस पीडिता के बलिदान का और क्या संदेश जाएगा समाज में इस फ़ैसले से ????</p>
<p>.</p>
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		<title>बरसों से रुका हुआ विकास -ग्राम यात्रा</title>
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		<pubDate>Sun, 20 Jan 2013 17:15:09 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[झा जी कहिन]]></category>
		<category><![CDATA[आम सभा]]></category>
		<category><![CDATA[ग्राम पंचायत भवन]]></category>
		<category><![CDATA[ग्राम सीरीज़]]></category>
		<category><![CDATA[बदहाली]]></category>
		<category><![CDATA[बिजई]]></category>

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		<description><![CDATA[ग्राम्य सीरीज़ , एक , दो , तीन और चार में आप मेरी इस बार की ग्राम यात्रा के बारे में काफ़ी कुछ पढ देख और सुन चुके हैं । पहले ही बता चुका हूं कि इस बार फ़ुर्सत ही फ़ुर्सत थी सो पूरे दिन कहीं घूम घूम कर उस जगह जा जायज़ा लेने का(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3285.jpg"></p><p style="text-align: left;">ग्राम्य सीरीज़ , <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2459" target="_blank">एक </a>, <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2506" target="_blank">दो </a>, <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2532" target="_blank">तीन</a> और <a href="http://ajaykumarjha.com/archives/2641" target="_blank">चार </a></p>
<p style="text-align: left;">में आप मेरी इस बार की ग्राम यात्रा के बारे में काफ़ी कुछ पढ देख और सुन चुके हैं । पहले ही बता चुका हूं कि इस बार फ़ुर्सत ही फ़ुर्सत थी सो पूरे दिन कहीं घूम घूम कर उस जगह जा जायज़ा लेने का ही एक नियमित कार्यक्रम सा बन गया था । इस बार मैं तमाम उन जगहों पर गया जिनकी सुध मैं बरसों से नहीं ले पाया था । बहुत जगहों पर आश्चर्यजनक रूप से मुझे काफ़ी कुछ नया , विकसित देखने सुनने को मिला और बेहद प्रसन्नता हुई । मगर कुछ स्थान ऐसे भी थे जो बरसों से एक जैसे , मानो एक स्थान पर ही रुक गए हों , या उस स्थिति से भी बदतर स्थिति में पहुंच चुके थे । इन्हीं में से एक है हमारे गांव का पंचायत भवन । मुझे याद है कि जब पंचायत भवन के लिए गांव के लगभग बीच पडने वाली खाली जमीन का चुनाव किया गया था तो वो साथ में सडक होने व क्षेत्रफ़ल में इतना जरूर था कि उसमें गांव के उपयोग के लिए बहुत कुछ किया जा सकता था और मेरी सोच के अनुरूप वहां न सिर्फ़ पंचायत भवन , पंचायत कार्यालय , सामुदायिक भवन , सार्वजनिक मंच , छ: बिस्तर वाले अस्पताल , और एक बडे भूजल पंप केंद्र की रुप रेखा फ़ौरी तौर पर बनाई गई । इनमें से तुरंत बनने वाले भवनों में पंचायत भवन , सामुदायिक भवन , पंचायत कार्यालय , भूजल पंप केंद्र का उदघाटन तत्कालीन बिहार विधानसभा अध्यक्ष महोदय ने स्वयं आकर किया था और इसकी वजह भी ये थी कि उस समय बिहार के किसी गांव को प्राप्त सुविधाओं के हिसाब से ये बहुत गर्व का विषय था । यहां उन दिनों न सिर्फ़ अच्छी खासी रौनक हुआ करती थी बल्कि हम युवाओं के लिए बीच का मैदान , आपसी गपशप , हंसी ठिठोली , गोष्टियों के अलावा वॉलीबाल और बैडमिंटन सरीखे खेलों को खेलने में भी प्रयोग किया जाता था । इसका सारा श्रेय हमारे तत्कालीन मुखिया जी को जाता था जो काफ़ी प्रभावशाली व्यक्तिव के थे ।</p>
<p>हमारे गांव में रहते रहते ही पंचायत भवन परिसर के दुर्दिन यूं तो आने शुरू हो गए थे लेकिन ये ख्वाब में नहीं सोचा था कि एक दिन यहां मरघटी सन्नाटा छाया मिलेगा । वैसे तो ये खामोशी अब गांव की पूरी बस्ती में दिखाई देती है , मकान , खलिहान मानो सब सूने पडे हैं । आंगन में गाहे बेगाहे दिनों महीनों में कभी रौनक और शोर सुनाई देता है तो देता है मगर फ़िर वही शाश्वत सन्नाटा । ग्राम पंचायत परिसर के द्वार पर से ही मानो पैर ठिठक रहे थे , कैमरे ने अपना काम शुरू कर दिया था ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<div id="attachment_2741" class="wp-caption aligncenter" style="width: 511px"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3284.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="size-full wp-image-2741 " alt="scan pictures 3284" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3284.jpg" width="501" height="376" /></a><p class="wp-caption-text">सुनसान पडा हुआ पंचायत भवन परिसर का प्रांगण</p></div>
<p style="text-align: left;">                                              कभी इस घास की नर्म चादर पर हमारे दोस्तों की गप्पास्टिंग महफ़िल जमा करती थी तो कभी खेल कूद का दौर चलता था ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="text-align: center;">.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3262.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="size-full wp-image-2740 aligncenter" alt="scan pictures 3262" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3262.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: left;">पंचायत भवन की दीवार अंकित गरीब परिवार के नामों की सूची , जिनमें मुझे कमाल रूप से एक आध वो नाम भी मिले जो चाहे कुछ भी हों ,मगर गरीब तो कतई नहीं कहे जा सकते और उससे भी कमाल ये कि कुछ नाम उन परिवारों के भी थे जिनका गांव से दूर दूर तक कोई संबंध ही नहीं था ,आगे का अंदाज़ा आप खुद लगा सकते हैं .</p>
<p style="text-align: center;">.</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/जनसभा-का-नोटिस.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2751" alt="जनसभा का नोटिस" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/जनसभा-का-नोटिस.jpg" width="499" height="374" /></a></p>
<p style="text-align: center;"> .पंचायत भवन के दरवाज़े के ऊपर लगा हुआ एक अस्थाई सा नोटिस जो शायद किसी आम सभा को बुलाने  के लिए चस्पा किया गया था । आम सभा के आयोजन की गंभीरता का अंदाज़ा भी इस सूचना संदेश और उसके चस्पाई तरीके से ही लग गया । पता चला कि इन आम सभाओं का ,उनमें उपस्थिति का और की जाने वाली कार्यवाही का लिखित विवरण तक नहीं सहेज़ कर रखा जाता है ।</p>
<p style="text-align: center;">
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3264.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2743" alt="scan pictures 3264" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3264.jpg" width="501" height="376" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.पंचायत भवन परिसर में निर्मित सामुदायिक भवन की बाहरी दीवार पर अंकित ,वित्तीय विवरण और सामने रखे हुए कटे धान के बोझे</p>
<p style="text-align: center;">
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/भीतर-धान-सूखते-हुए.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2745" alt="भीतर धान सूखते हुए" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/भीतर-धान-सूखते-हुए.jpg" width="500" height="376" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.आज जब शहर में देखता और पाता हूं कि किसी भी समारोह , शादी ,जन्मोत्सव आदि के लिए बने हुए सामुदायिक भवनों , पार्कों के बाद अब गलियों में बिछने वाले टैंटों के लिए भी अजब की मारामारी है तो गांव के खुले दालान आंगनों की याद हो आती है । तिस पर आलम ये कि हमारे गांव में तो एक बडा और अच्छा खासा लंबा चौडा सामुदायिक भवन भी मन गया । शुरू में तो मुझे याद है कि एक आध शादी विवाह, बारात स्वागत और भोज भात का आयोजन भी किया गया था इसमें मगर अब पिछले जाने कितने सालों से ये ऐसे कार्यों के लिए उपयोग में आ रहा है । कोई इसमें अपने कटे हुए धान की फ़सल सुखा रहा है तो कोई दाल की ।</p>
<p style="text-align: center;">
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3273.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2744" alt="scan pictures 3273" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/scan-pictures-3273.jpg" width="500" height="375" />.</a></p>
<p style="text-align: center;">खूब फ़ैला फ़ैला के धान की सुखाई की जा रही है</p>
<p style="text-align: center;">
<p style="text-align: center;">.</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/पंचायत-भवन-का-स्टेज़.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2746" alt="पंचायत भवन का स्टेज़" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/पंचायत-भवन-का-स्टेज़.jpg" width="502" height="376" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.ये है पंचायत भवन परिसर में बना हुआ मंच , बीच में झंडोत्तोलन के लिए भी स्थान है , लेकिन फ़िलहाल सब भूस में है <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /> </p>
<p style="text-align: center;">
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/खराब-पडी-हुई-मोटर.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2747" alt="खराब पडी हुई मोटर" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/खराब-पडी-हुई-मोटर.jpg" width="498" height="664" /></a>.</p>
<p style="text-align: center;">देश के अन्य प्रांतों  की तरह बिहार की कृषि भी वर्षा पर ही निर्भर है , शायद इसी वजह से हमारे गांव में एक भूजल पंप केंद्र को शुरू किया गया । मैंने खुद देखा था कि ,जब इस पंप को चलाया जाता था तो मिनटों में खेत पानी से डूब जाया करते थे । आज हालत आप खुद देखिए इसकी</p>
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/जर्जर-मोटर.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2748" alt="जर्जर मोटर" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/जर्जर-मोटर.jpg" width="499" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">.लाखों के खर्च के बाद स्थापित किए गए इस भूजल पंप केंद्र में लगी मशीन अब जंग खा रही है</p>
<p style="text-align: center;">
<p style="text-align: center;"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/नरेगा-का-पौधारोपण.jpg" rel="prettyPhoto[2738]"><img class="alignnone size-full wp-image-2750" alt="नरेगा का पौधारोपण" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/नरेगा-का-पौधारोपण.jpg" width="500" height="375" /></a></p>
<p style="text-align: center;">चलते चलते एक बार नरेगा योजना के तहत वृक्षारोपण किए हुए हरे भरे पौधों पर भी नज़र मारते जाइए ।</p>
<p style="text-align: left;">आज का दिन मायूसी वाला रहा मेरे लिए , लेकिन अगला दिन &#8230;..चलिए कल घुमाता हूं आपको अपने गांव के स्कूल में ।</p>
<p style="text-align: center;">
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		<title>फ़ेसबुकियाते तुम और हम &#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 18 Jan 2013 05:45:40 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
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		<description><![CDATA[ फ़ेसबुक पर हमारे मित्र , कमाल की दिलचस्प बातें , खूबसूरत पंक्तियां और तार्किक वार्तालापों को उडेलते रहते हैं , जिन्हें सहेज़ कर रखने का भी अपना ही एक आनंद है , मैं तो गाहे बेगाहे ये काम करता ही रहता हूं , लीजीए आज फ़िर कुछ खूबसूरत कतरे , इस पन्ने पर सहेज़ कर(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/Facebook.jpg"></p><blockquote><p> फ़ेसबुक पर हमारे मित्र , कमाल की दिलचस्प बातें , खूबसूरत पंक्तियां और तार्किक वार्तालापों को उडेलते रहते हैं , जिन्हें सहेज़ कर रखने का भी अपना ही एक आनंद है , मैं तो गाहे बेगाहे ये काम करता ही रहता हूं , लीजीए आज फ़िर कुछ खूबसूरत कतरे , इस पन्ने पर सहेज़ कर रख छोडे हैं &#8230;&#8230;&#8230;</p>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/dw.hindi?ref=stream" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=49621769215"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash3/s68x68/598485_10151315885854216_1273146896_t.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/dw.hindi?ref=stream" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/page.php?id=49621769215">DW (हिन्दी)</a></div>
<div>भारत में अब चाय का वक्त हो गया है.. हमारा भी मन्न करता है कुछ गरम, गरम चाय के साथ खाएं.. समोसे या ऐसा कुछ.. लेकिन हमको तो यहां बिस्कुट ही मिलते हैं.. लेकिन वह भी बहुत अच्छे हैं.. आप चाय के साथ क्या खाते हैं.. ???</div>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:10,&quot;tn&quot;:&quot;H&quot;}">
<div><a href="https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10151364187019216&amp;set=a.10150210641209216.336943.49621769215&amp;type=1&amp;relevant_count=1&amp;ref=nf" rel="theater" data-ft="{&quot;type&quot;:41,&quot;tn&quot;:&quot;E&quot;}"><img alt="भारत में अब चाय का वक्त हो गया है.. हमारा भी मन्न करता है कुछ गरम, गरम चाय के साथ खाएं.. समोसे या ऐसा कुछ.. लेकिन हमको तो यहां बिस्कुट ही मिलते हैं.. लेकिन वह भी बहुत अच्छे हैं.. आप चाय के साथ क्या खाते हैं.. ???" src="https://fbcdn-sphotos-b-a.akamaihd.net/hphotos-ak-ash4/s480x480/321079_10151364187019216_166415028_n.jpg" width="398" height="298" /></a></div>
</div>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/nirajbadhwar" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=635453249"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash4/c5.5.68.68/s68x68/311130_10151167381528250_2057572479_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/nirajbadhwar" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=635453249">Neeraj Badhwar</a></div>
</blockquote>
<div>
<blockquote>
<div>‎90 फीसदी भारतीय पाकिस्तान के साथ जंग के पक्ष में है और बाकी दस फीसदी सिर्फ हिना रब्बानी खार के लिहाज़ में चुप हैं।</div>
<div></div>
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<div></div>
<div><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/kajalkumarcartoons" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1098392331"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-snc7/c0.7.62.62/2507_1131640246711_7712640_t.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/kajalkumarcartoons" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1098392331">Kajal Kumar</a></div>
<div>
<div>लंदन में हैलि‍कॉप्‍टर क्‍या गि‍रा भारतीय चैनलों को डायरि‍या हो गया, यहां MIG 21 की पूरी जमात गि‍र गई कि‍सी कान जूँ तक नहीं रेंगी</div>
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<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/abhinay.kj" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=100002169601757">Abhinay Jha</a></div>
<div>
<div>न तो अब मिस्ड कॉल रही, न मिस्ड कॉल से दिल धड़का देनेवाले वो इशारे रहे. एक दौर था, जो गुजर गया. बस याद करिए और सिहर जाइए.</div>
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<div>.</div>
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<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/Khabarbaazi?ref=stream" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/page.php?id=393894570649489">Khabarbaazi</a></div>
<div>राजनीति में कौन क्या निकले कोई नहीं जानता। जिन्हें कल तक हम ओमप्रकाश चौटाला के नाम से जानते थे वो आज ओमप्रकाश घोटाला निकले।</div>
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<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/jagadishwar9" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=100000561483232">Jagadishwar Chaturvedi</a></div>
<div>
<div>जी न्यूज वालों की अक्ल की बलिहारी देखें ,उन्होंने दामिनी के संघर्ष को नाम दिया है &#8216;कलंक का एक महीना&#8217;, अभीयह कार्यक्रम चल रहा है। कार्यक्रम के शीर्षक संपादकीय नजरिए को व्यक्त करते हैं।</div>
<div></div>
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<div><a id=".reactRoot[355].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1].0" tabindex="-1" title="Write a comment..." href="https://www.facebook.com/kusumthakur2011" name="add_comment_text" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1412691907"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-prn1/c28.6.75.75/s68x68/16790_4193932172571_753318481_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/kusumthakur2011" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1412691907">Kusum Thakur</a></div>
<div>
<div>
<div id="id_50f6b9fdea2355615915429">‎&#8221;रोना भी क्या एक कला है &#8220;रोना क्यों कर दुर्बलता है ?<br />
यह तो नयनों की भाषा है ।सुख देखे तो छलक जाता है ।<br />
दुःख में फिर भी सहज आता है ।</p>
<p>लाख संभालो , न तब रुकता है ।<br />
न निकट हो कोई आहत करता है ।</p>
<p>उमड़ घुमड़ जो बस जाता है ,<br />
श्रांत ह्रदय वह कर देता है ।</p>
<p>रोना भी क्या एक कला है ?<br />
फिर लगे क्यों यह भरमाता है ?</p>
<p>- कुसुम ठाकुर -</p>
</div>
<div></div>
<div>.</div>
<div></div>
<div>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/vineetdu" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1163764868">Vineet Kumar</a></div>
<div>
<div>आप कहते हैं टीवी सीरियल स्त्रियों को बददिमाग और मर्दों की चाटुकार बनाकर छोड़ देते हैं. वो पुरुषों के लिए विटामिन की गोली से ज्यादा नहीं हैं लेकिन आप मुझे बताइए वनिता,गृहशोभा, मेरी सहेली और वीमेंस एरा जैसी पत्रिकाएं इससे अलग क्या करती हैं ? सरोकार की तो गोली मारिए, क्या कभी वो धंधे के लिए भी स्त्री अधिकारों के लिए सामने आएंगे जिसे कि हम मीडिया इन्डस्ट्री में कार्पोरेट गवर्नेंस कहते हैं. नहीं तो फिर आप इस पर गंभीरता से बात कीजिए न कि ये पत्रिकाएं कितनी मजबूती से देश की लाखों स्त्रियों की ऐसी माइंड सेट तैयार करते हैं जिसके अनुसार पति के लिए बिस्तर में जाने से पहले सजना, लंपट औलाद के हरेक अपमान को सहते जाना, बदमिजाज ससुर के आगे मत्था टेक देना कभी गलत नहीं लगता. आफ कहते हैं स्त्रियां विरोध क्यों नहीं करती, इन पत्रिकाओं से बनी माइंडसेट के तहत जब कुछ गलत ही नहीं लगता तो फिर विरोध किस बात का करेगी ?</div>
<div></div>
<div>.</div>
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<div></div>
<div><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/AMITABH.MEET" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1056910610"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-snc7/c9.9.108.108/s68x68/305965_4347218312770_742050555_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/AMITABH.MEET" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1056910610">Amitabh Meet</a></div>
<div>
<div>गई थी कह के मैं लाती हूँ ज़ुल्फ़-ए-यार की बू<br />
फिरी तो बाद-ए-सबा का दिमाग़ भी न मिला</div>
</div>
</div>
<div></div>
<div>
<h5 id="u_ps_jsonp_13_0_3" data-ft="{&quot;type&quot;:1,&quot;tn&quot;:&quot;K&quot;}">&#8216;जलाल&#8217; बाग़-ए-जहां में वो अंदलीब हैं हम<br />
चमन को फूल मिले, हम को दाग़ भी न मिला</h5>
<p>&nbsp;</p>
<div id=".reactRoot[239].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1]">.</div>
<div></div>
<div id="u_2l_2" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/anshurstg" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1517723772"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash3/c7.26.84.84/s68x68/528451_10200123308114942_1342095890_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/anshurstg" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1517723772">Anshu Mali Rastogi</a></div>
<div>
<div>उड़ती-उड़ती खबर आई है कि बीना मलिक को वापस पाकिस्तान भेजा रहा है। अब क्रिकेट के &#8216;ग्लैमर&#8217; का क्या होगा प्यारे!</div>
<div></div>
<div></div>
<div>
<div id=".reactRoot[176].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1]">.</div>
<div></div>
<div id="u_ps_jsonp_13_0_7" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/pratibha.katiyar.1" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=100001718927378"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash3/c6.6.75.75/s68x68/72230_462714233795870_211628660_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/pratibha.katiyar.1" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=100001718927378">Pratibha Katiyar</a></div>
<div>
<div>बारिश&#8230;और बारिश&#8230; और और बारिश&#8230;ओ बारिश, सुनो बरसो उनके हिस्से का भी जो रह जाते हैं बरसे बिना। तरसते रहते हैं बरसने को. बरसो खूब, मगर ध्यान रहे तुम्हारे बरसने में प्यार की हो फुहार, नाराजगी नहीं. रोकना रास्ता महबूब का मत जाने देना उसे कहीं खुद से दूर, भिगो देना उनकी छत, खिड़कियाँ, दरवाजे, रास्ते, मन, आँगन. ध्यान रहे तुम्हारे जाने के बाद छूट जाये भीनी सी खुशबू और डूब जाये ये दुनिया प्यार की खुशबू में. कौन जाने सरहद पार भी पहुँच ही जाये ये खुशबू और बंदूकों से फूल बरसने लगें. ओ बारिश, तेरे आने से जागती हैं न जाने कितनी उम्मीदें&#8230;</p>
</div>
<div>.</div>
<div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/shyamkoriuday" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1799650915"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash3/c6.6.78.78/s68x68/564906_3264343826342_551589079_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/shyamkoriuday" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1799650915">श्याम कोरी &#8216;उदय&#8217;</a></div>
<div>
<div>सुनो &#8216;उदय&#8217;&#8230; जा के&#8230; कह दो सब से &#8230;<br />
सिर्फ &#8230;<br />
कुत्ते-औ-कुकुरमुत्ते &#8230; ही हैं &#8230;<br />
अपने &#8230;. क्राईटेरिया में !<br />
सिबाय उनके&#8230;<br />
किसी और को &#8230;<br />
बादशाहत &#8230;&#8230;&#8230;&#8230; नसीब नहीं होगी ??</div>
</div>
</div>
<div>.</div>
<div></div>
<div></div>
<div><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/gyandutt" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1055753764"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash3/c9.0.113.113/s68x68/603611_4254514875203_278520649_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/gyandutt" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1055753764">Gyan Dutt Pandey</a></div>
<div>
<div>विलासिता (luxury) अवलोकन नहीं करने देती। यह आपको ऐसी मुग्धावस्था में ले जाती है, जिसमें आप कुछ देखते ही नहीं। यह दुनियांदारी की दुश्मन है।</div>
<div></div>
<div>.</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/mukeshsaheb" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1284492712"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash4/c6.6.82.82/s68x68/398385_3712049121523_1045069422_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/mukeshsaheb" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1284492712">Mukesh Kumar Sinha</a></div>
<div>
<div>काश जिंदगी के किताब में भी रफ़ पेपर्स होते, जिन पर बेतरतीब ढंग से लिख-विख कर मिटा पाते या फिर फाड़ देते &#8230;.<br />
और फिर finally एक खुबसूरत जिंदगी रच पाते,&#8230;..:)<br />
एक दम टीच व सब कुछ परफेक्ट टाइप वाली जिंदगी &#8230;&#8230;&#8230;..सिर्फ अपने लिए <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
काश ऐसा होता &#8230;.:)<br />
शुभ दिन &#8230;!!!</div>
<div></div>
<div></div>
<div>
<div id=".reactRoot[198].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1]">.</div>
<div></div>
<div id="u_jsonp_14_e" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/prem.gandhi" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1053392754"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-snc6/c23.7.84.84/s68x68/196187_1729163702924_2180585_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/prem.gandhi" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1053392754">Prem Chand Gandhi</a></div>
<div>
<div>जा तेरे सपनों में ओले गिरें&#8230;<br />
मैं अकेला ही क्‍यूं तापूं<br />
यादों का अलाव&#8230;</div>
</div>
</div>
<div></div>
<div></div>
<div>
<div id=".reactRoot[237].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1]">.</div>
<div></div>
<div id="u_jsonp_15_17" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/bhaveshkpandey" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1444197483"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-prn1/c0.4.70.70/s68x68/553849_3922037656428_591586194_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/bhaveshkpandey" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1444197483">Bhavesh Kr Pandey Vinay</a></div>
<div>
<div>इस बारिश की एक एक बूँद जैसे गोली लगती हो &#8230;</div>
<div></div>
<div>.</div>
<div></div>
<div></div>
<div><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/aroonarora" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1017655749"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash4/c25.0.81.81/s68x68/252231_1002029915278_1941483569_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/aroonarora" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1017655749">अरुण अरोरा</a></div>
<div>कांग्रेस चिंतन<br />
1. नये घोटालो पर ध्यान केंद्रित करे मंत्री<br />
2.पुराने घोटालो का हिसाब पैसे के सथ आलाकमान को तय सीमा मे दिखाया जाये<br />
3. जनता से ज्यादा से ज्यादा उगाही करे ताके नये घोटालो के लिये फंड मे कमी ना आये ..<br />
4.लगातार बकवास कर जनता को मिडिया द्वारा उन्ही मे उलझाये रखा जाये</div>
<div></div>
<div>.</div>
<div></div>
<div>
<div id="u_jsonp_17_1e" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/shekhar.vk" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=100000163232582"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash4/c46.7.88.88/s68x68/406970_361627837185988_2075454176_a.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/shekhar.vk" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=100000163232582">VK Shekhar</a></div>
<div>
<div>एक ट्रक के पीछे क्या गजब का लिखा हुआ था:<br />
हॉर्न धीरे से बजायें;<br />
क्योंकि<br />
.<br />
..<br />
&#8230;<br />
&#8220;हमारा देश सो रहा है&#8221;।</div>
<div></div>
<div></div>
<div>
<div id=".reactRoot[323].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1]">.</div>
<div></div>
<div id="u_jsonp_18_4" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/ppsingh8" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1407765349"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash4/c9.9.112.112/s68x68/424733_4479053460261_1752684779_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/ppsingh8" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1407765349">Padm Singh</a></div>
<div>
<div>सुबह सुबह की शुभ प्रभात !!!सकारात्मक सोच के साथ &#8211; &#8220;क्या मस्त मौसम खराब हुआ है&#8221;</p>
</div>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>
<div id=".reactRoot[325].[1][3].0.[1].0.0.[0].[1].0.[1]">.</div>
<div id="u_jsonp_18_6" data-ft="{&quot;type&quot;:55,&quot;tn&quot;:&quot;V&quot;}"></div>
<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/suman.pathak.391" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1395113269"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash4/c8.8.107.107/s68x68/263997_3995008279012_506642595_s.jpg" /></a></p>
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<div>एक बात तो पता चल गई कि जब मूड Achcha हो तो किसी की बुरी बात भी कानों मे रस घोलती है ..<br />
है ना &#8230;. ? <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':-)' class='wp-smiley' />  <img src='http://ajaykumarjha.com/wp-includes/images/smilies/icon_smile.gif' alt=':-)' class='wp-smiley' /> </div>
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<p><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/MISHRASHISH" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=100002199201018"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-ash3/c7.7.84.84/s68x68/577901_386956548054315_341084634_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/MISHRASHISH" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=100002199201018">Ashish Mishra</a></div>
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<div>एक और एक मिलकर दो होते हैं ग्यारह भी होते हैं,लेकिन जिंदगी की गणित में ऐसा ही नहीं होता..कभी एक और एक मिलकर जीरो,कभी माइनस दो,कभी माइनस ग्यारह तो हो ही सकते है और कभी-२ इससे पहले कि सवाल ही पूरा हो यकायक स्लेट ही गिरकर टूट जाती है&#8230;&#8230;.</div>
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<div><a tabindex="-1" href="https://www.facebook.com/ajaykumarjha1973" data-ft="{&quot;type&quot;:60,&quot;tn&quot;:&quot;\u003C&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/hovercard.php?id=1485313098"><img alt="" src="https://fbcdn-profile-a.akamaihd.net/hprofile-ak-snc6/c6.6.75.75/s68x68/216515_1958758497047_5706414_s.jpg" /></a></p>
<div data-ft="{&quot;type&quot;:2,&quot;tn&quot;:&quot;:&quot;}"><a href="https://www.facebook.com/ajaykumarjha1973" data-ft="{&quot;tn&quot;:&quot;;&quot;}" data-hovercard="/ajax/hovercard/user.php?id=1485313098">अजय कुमार झा</a></div>
<div>अमां अब तो देखा कि रात बर्फ़ का छोटा गोला भी दिल्ली पर मेहरबान हुआ है ,<br />
ससुरे पोलटिस वाले , पुल्स वाले तो थे , इब तो मौसम भी बेइमान हुआ है &#8230;हाय हाय पिरधान जी इत्ता न ठंडा होकर बोले , रात से हो रही है बारिश और खूब पडे रे ओले &#8230;&#8230;ओले ओले ओले, ओले ओले ओले ओले</p>
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</blockquote>
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		<title>ठीक है &#8211; नहीं ,ठीक नहीं है</title>
		<link>http://ajaykumarjha.com/archives/2732</link>
		<comments>http://ajaykumarjha.com/archives/2732#comments</comments>
		<pubDate>Tue, 15 Jan 2013 15:57:57 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[कुछ भी कभी भी]]></category>
		<category><![CDATA[झा जी कहिन]]></category>
		<category><![CDATA[कविता]]></category>
		<category><![CDATA[चंद पंक्तियां]]></category>
		<category><![CDATA[ठीक नहीं है]]></category>
		<category><![CDATA[ठीक है]]></category>
		<category><![CDATA[पंक्तियां]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी कविता]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; &#160; खौफ़नाक है मंज़र क्यों , आज मेरे शहर का , वो कहते हैं , ठीक है , मगर देश के हालात ठीक नहीं है ॥ . जंगलों में भी कहां ऐसी दिखती है हैवानियत , खुद की नस्ल का शिकार करता , ये आदमज़ात ठीक नहीं है ॥ . हर बार निपटने का(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/31manmohansingh.jpg"></p><p>&nbsp;</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/31manmohansingh.jpg" rel="prettyPhoto[2732]"><img class="size-full wp-image-2733 aligncenter" alt="31manmohansingh" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/31manmohansingh.jpg" width="402" height="259" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>खौफ़नाक है मंज़र क्यों , आज मेरे शहर का ,<br />
वो कहते हैं , ठीक है , मगर देश के हालात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>जंगलों में भी कहां ऐसी दिखती है हैवानियत ,<br />
खुद की नस्ल का शिकार करता , ये आदमज़ात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>हर बार निपटने का वादा और अब न होने देने की बातें ,<br />
हर बार कुछ हो जाने पर यही कहते हो, ये बात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>इक तरफ़ पूजते हो माता और देवी कह कह के ,<br />
मगर नारी के प्रति अब , तुम्हारे ख्यालात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>कैसे कह दूं कि बसर हो रहा है जीवन सकून से ,<br />
काले दिन भी डराते हैं मन को, रौशान ये रात ठीक नहीं है ॥<br />
.<br />
क्यूं करूं गैरों से गिले शिकवे , और उंगली उठाउं उनपर ,<br />
जब पाया है कि , बंद कमरों में , अपनों का भी साथ ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>जो करता रहा है दावा , गरीबों मजलूमों के साथ होने का ,<br />
बरसों से भर रहा है जेबों को अपनी , वो &#8220;हाथ&#8221; ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>चलता है , जो किश्तों में मिले , जख्म का कतरा कोई ,<br />
मगर दुखों से बांध दो रिश्ता, रंजो-गम की बारात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>हम निपट लेंगे , सुलट लेंगे , एक आध तीन चार को भी ,<br />
मगर धूर्तों की टोली , और चोरों की जमात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>इतिहास का सबक सीखना होगा , बडे गौर से हाकिम ,<br />
फ़िर किसी अंधे के हाथ हस्तिनापुर को देना , हे तात ! ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>आप सियासती लोग हैं जो भी , खेलना खूब जानते होंगे ,<br />
अवाम क्या जाने शह-मात की भाषा, बिछाना यूं ,शतरंजी बिसात ठीक नहीं है ॥<br />
.</p>
<p>लडने को गरीबी ,बेकसी , बेकारी और बीमारी ही बहुत है ,<br />
घसीटते रहो, भाषा , धर्म , मज़हब और जात-पात ठीक नहीं है ॥</p>
]]></content:encoded>
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		<item>
		<title>U R माइ पंपकिन , पंपकिन ..U R माइ हनीबनी</title>
		<link>http://ajaykumarjha.com/archives/2727</link>
		<comments>http://ajaykumarjha.com/archives/2727#comments</comments>
		<pubDate>Sun, 13 Jan 2013 11:13:45 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[झा जी कहिन]]></category>
		<category><![CDATA[U R my honey bunny]]></category>
		<category><![CDATA[U R my pumpkin pumpkin]]></category>
		<category><![CDATA[कविता]]></category>
		<category><![CDATA[हास्य]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; &#160; &#160; &#160; सीमा पर जंग के हालात हैं , रहती है अपनी आजकल , ठनी ठनी, हाकिम फ़िर भी कहते हैं उन्हें , U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी पिछले दिनों अवाम और सियासत में जमकर हो रही थी , तना तनी , हाकिम फ़िर भी कहते रहे(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/you_are_my_pumpkin_pumpkin_hello_honey_bunny-1019999.jpg"></p><p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/you_are_my_pumpkin_pumpkin_hello_honey_bunny-10199991.jpg" rel="prettyPhoto[2727]"><img class="size-full wp-image-2729 aligncenter" alt="you_are_my_pumpkin_pumpkin_hello_honey_bunny-1019999" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/you_are_my_pumpkin_pumpkin_hello_honey_bunny-10199991.jpg" width="500" height="185" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सीमा पर जंग के हालात हैं , रहती है अपनी आजकल , ठनी ठनी,<br />
हाकिम फ़िर भी कहते हैं उन्हें , U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी</p>
<p><a href="http://www.sweetim.com/s.asp?im=gen&amp;lpver=3&amp;ref=11" target="_blank"><img title="Click to get more." alt="" src="http://content.sweetim.com/sim/cpie/emoticons/000203F6.gif" border="0" /></a></p>
<p>पिछले दिनों अवाम और सियासत में जमकर हो रही थी , तना तनी ,<br />
हाकिम फ़िर भी कहते रहे ,U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी</p>
<p><a href="http://www.sweetim.com/s.asp?im=gen&amp;lpver=3&amp;ref=11" target="_blank"><img title="Click to get more." alt="" src="http://content.sweetim.com/sim/cpie/emoticons/000204E9.gif" border="0" /></a></p>
<p>वो आते हैं करने को दोस्ती ,आस्तीन  रख कर , संगीनें खून से सनी सनी,<br />
फ़िर भी हम कहते हैं उनसे,U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी</p>
<p><a href="http://www.sweetim.com/s.asp?im=gen&amp;lpver=3&amp;ref=11" target="_blank"><img title="Click to get more." alt="" src="http://content.sweetim.com/sim/cpie/emoticons/000203F4.gif" border="0" /></a></p>
<p>मंत्री जी को घोटाले के लिए , सरकार को खजाने के लिए चाहिए सिर्फ़ , मनी-मनी,<br />
जनता पर दोनों लादें बोलके,U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी</p>
<p><a href="http://www.sweetim.com/s.asp?im=gen&amp;lpver=3&amp;ref=11" target="_blank"><img title="Click to get more." alt="" src="http://content.sweetim.com/sim/cpie/emoticons/00020356.gif" border="0" /></a></p>
<p>कभी क्रिकेट के नाम पे , कभी कामेडी , कभी म्यूजिक के लिए &#8220;उनको&#8221; करते रहो , खम्मा -घणी,<br />
वे ससुरे न सुधरेंगे , कितना ही कहो ,U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी</p>
<p><a href="http://www.sweetim.com/s.asp?im=gen&amp;lpver=3&amp;ref=11" target="_blank"><img title="Click to get more." alt="" src="http://content.sweetim.com/sim/cpie/emoticons/00020460.gif" border="0" /></a></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
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		<title>नागरिक संस्कार और देश</title>
		<link>http://ajaykumarjha.com/archives/2721</link>
		<comments>http://ajaykumarjha.com/archives/2721#comments</comments>
		<pubDate>Sat, 12 Jan 2013 15:07:07 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[आज का मुद्दा]]></category>
		<category><![CDATA[change]]></category>
		<category><![CDATA[civic sense]]></category>
		<category><![CDATA[indian society]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[नागरिक संस्कार]]></category>
		<category><![CDATA[परिवर्तन]]></category>
		<category><![CDATA[समाज]]></category>

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		<description><![CDATA[कुछ समय पहले पश्चिमी देश से आए किसी पर्यटक ने राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति को सरेआम दीवार गंदा करते देखा तो उसके मुंह  से बेसाख्ता यही शब्द निकले कि , &#8221; भारत आधुनिक तो हो रहा है किंतु यहां लोगों में नागरिक संस्कारों की कमी है ।&#8221; उसके इस कथन पर लोगों की तीव्र(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/do-not-spit.jpg"></p><p style="text-align: center;">
<div id="attachment_2723" class="wp-caption aligncenter" style="width: 470px"><a href="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/civic-sense.jpg" rel="prettyPhoto[2721]"><img class="size-full wp-image-2723" alt="civic sense" src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/civic-sense.jpg" width="460" height="609" /></a><p class="wp-caption-text">तस्वीर सब कुछ खुद बयां करती है</p></div>
<p style="text-align: left;">
कुछ समय पहले पश्चिमी देश से आए किसी पर्यटक ने राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति को सरेआम दीवार गंदा करते देखा तो उसके मुंह  से बेसाख्ता यही शब्द निकले कि , &#8221; भारत आधुनिक तो हो रहा है किंतु यहां लोगों में नागरिक संस्कारों की कमी है ।&#8221; उसके इस कथन पर लोगों की तीव्र प्रतिक्रियाएं आई थी और सबने इसे अनुचित कहा था । किंतु सामाजिक विश्लेषकों ने भी माना था कि बदलती हुई परिस्थितियों में ये समस्या इसलिए ज्यादा परिलक्षित होती है क्योंकि चिरकाल्नी पारिवारिक व नागरिक संस्कारों में जहां एक तरफ़ ह्राह हो रहा है वहीं वर्तमान में जनसंख्यीय विस्फ़ोट एवं बदलती हुई जीवन शैली के कारण विकसित किए जाने वाले नागरिक संस्कारों के प्रति उपेक्षा का भाव स्पष्ट दिख रहा है । हालात तो ऐसे हैं कि इस दिशा में बहुत से कानूनों के बनने व लागू किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई विशेष फ़र्क नहीं पडता दिख रहा है ।<br />
.</p>
<p>बसों व रेलगाडियों में चढते समय लोगों द्वारा आपस में धक्का-मुक्की किया जाना , बसों में महिलाओं वृद्धों , बच्चों एवं विकलांगों तक को स्वत: सीट न देना , बसों व रेलों में बगैर टिकट यात्रा करना , सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना , सडकों , दीवारों , कोनों आदि में थूकना पीकना , शराब पीकर सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सफ़र करना , शराब पीकर वाहन चलाना , रेड लाइट पर व सडकों पर बेवजह तेज़ ध्वनि में हार्न बजाना , अस्पताल , स्कूल आदि में मोबाइल पर ऊंची आवाज़ में बात करना , वाहन चलाते समय फ़ोन पर बात करना , घर , पार्क , गलियों आदि में कचरा फ़ैलाना , राष्ट्रीयता एवं राष्ट्र से जुडी सभी चीज़ों मसलन चिन्हों , गीत आदि का पर्याप्त सम्मान न करना , आस पडोस , बाहर , रास्ते में , सफ़र में किसी की सहायता न करके असंवेदनशील व्यवहार करना , सुरक्षा व कल्याण की योजनाओं के प्रति उदासीनता आदि जैसे सैकडों बडे छोटे नागरिक संस्कारों का दिनोंदिन लोप होते जाना किसी भी देश व समाज के लिए अहितकर ही साबित होगा ।</p>
<p>.<br />
समाजशास्त्री कहते हैं कि आश्चर्य की बात ये है कि समाज के साथ खुद सरकार व प्रशासन भी नागरिक संस्कारों के प्रति गंभीर नहीं हैं । किसी योजना , किसी निर्माण , नियम कायदे कानून के परिचालन व अनुपालन करते समय आम जनता के प्रति सरकारी एजेंसियों का रवैया सर्वथा गैरजिम्मेदाराना रहता है । उदाहरण के रूप में स्कूल कालेजो आदि के आसपास पान, गुटखे सिगरेट यहां तक कि शराब की दुकानों का खुला होना तथा प्रतिवर्ष सडकों पर बने गड्ढों एवं खुले मेनहोलों व नालियों के कारण होने वाली दुर्घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि प्रशासन इन्हें गंभीरता से नहीं लेता है ।<br />
.<br />
यही वजह है कि न्यायपालिका द्वार इन मुद्दों , विषयों पर अनेक निर्देशों व विधायिका द्वार बहुत सारे कानूनों को अमल में लाए जाने के प्रति भी सरकारी रवैया अक्सर ढुलमुल ही रहता है । पॉलिथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध , गुटखों की बिक्री पर रोक , रेड लाइट पर हार्न बजाने पर प्रतिबंध , पार्कों व स्कूलों के आसपास तेज़ हार्न बजाने पर रोक , नदियों में कूडा कचरा फ़ेंकने पर प्रतिबंध आदि जैसे कानून समय बीतने के साथ ही औचित्यहीन से होकर भूल भुला दिए जाते हैं । समाजशास्त्री कहते हैं कि आज तक शायद ही इन कानूनों के बनने और लागू होने के बाद इनके प्रभाव या परिणाम पर कभी आकलन विश्लेषण किया गया हो ।<br />
.<br />
नागरिक शास्त्र के विश्लेषक जब इसके कारणों पर प्रकाश डालते हैं तो कई कारणों को रेखांकित करते हैं । कभी संयुक्त परिवारों से बने समाज में सभी सदस्यों को पारिवारिक संस्कारों के साथ नागरिक बोध का ज्ञान भी स्वत: मिल जाता था । शहरों के नए समाज में एकल व लघु परिवारों में इन परंपराओं ने दम तोड दिया । नगरीय समाज की तेज़ी से बदलती उपभोक्तावादी संस्कृति व विलासितापूर्ण जीवन शैली ने स्थिति को और भी खराब कर दिया । इसने जहां समाज में नैतिक मूल्यों के पतन को बढावा दिया वहीं आने वाली पीढी को समाज , देश परिवार व नागरिक भावना के प्रति घोर उदासीन व गैरजिम्मेदार बना दिया । रही सही कसर पूरी कर दी प्रशासन और सरकार के गैर जिम्मेदार व्यवहार और मुश्किल प्रक्रियाओं ने ।<br />
.</p>
<p>नियम बनाया जाता है कि जन्म, मृत्यु व विवाह का पंजीकरण कराया जाना आवश्यक है किंतु जब आम आदमी इसके लिए प्रयास करता है तो इतनी कठिनाइयां व बाधाएं सामने आती हैं कि एक अच्छा भला प्रयास उसके लिए मुसीबत बन जाता है । सरकार एक तरफ़ लोगों को जागरूक करती है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं , वहीं दूसरी तरफ़ शराब को ज्यादा सुलभता से मुहैय्या कराने के लिए अनेक नई योजनाएं भी चला देती है । अक्सर देखने सुनने में आता है कि देश के जनप्रतिनिधि , नेता व मंत्री तक जाने अनजाने राष्ट्रीय प्रतीकों व राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर जाते हैं ऐसे में यदि उस देश के नागरिक राष्ट्रगान के सम्मान में खुद उठ कर खडे नहीं होते तो इसमें आश्चर्य क्यों होना चाहिए ।<br />
.<br />
पश्चिमी समाज जो आधुनिकता में विकासशील देशों के समाज से कहीं आगे निकल चुका है , नागरिक संस्कारों व जिम्मेदारियों के एहसास में भी तुलनात्मक रूप से बहुत संवेदनशील है । उदाहरण के लिए फ़्रांस के नागरिकों को बचपन से ही मिले संस्कारों के कारण वे अपने राष्ट्रीय ध्वज को इतना सम्मान देते हैं कि इसे सफ़र के दौरान या कहीं बाहर जाने पर भी साथ ले जाना नहीं भूलते । नागरिक संस्कारों का एक ही मूल सिद्धांत होता है , एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना , एक दूसरे की कठिनाइयों को समझना एवं सहायता करना तथा पारस्परिक सद्व्यवहार से एक स्वस्थ समाज की स्थापना करना जो देश के प्रति संवेदनशील व जिम्मेदार हो ।</p>
<p>.<br />
देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जहां व्यवस्था और समाज में बदलाव की कोशिशें हो रही हैं , ऐसे में यही उपयुक्त समय है जब आने वाली पीढी को नागरिक संस्कारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए और इसके लिए सबसे जरूरी है सभी अपने अंदर के नागरिक बोध को महसूस करें और उसे अपनाने का प्रयास करें ।</p>
]]></content:encoded>
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		<item>
		<title>त्वरित अदालतें , न्याय : दूर भी दुरूह भी</title>
		<link>http://ajaykumarjha.com/archives/2714</link>
		<comments>http://ajaykumarjha.com/archives/2714#comments</comments>
		<pubDate>Thu, 10 Jan 2013 17:00:03 +0000</pubDate>
		<dc:creator>अजय कुमार झा</dc:creator>
				<category><![CDATA[कोर्ट कचहरी]]></category>
		<category><![CDATA[अदालत]]></category>
		<category><![CDATA[त्वरित अदालतें]]></category>
		<category><![CDATA[न्यायिक सुधार]]></category>
		<category><![CDATA[प्रशासन]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार]]></category>

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		<description><![CDATA[&#160; दिल्ली बलात्कार कांड ने पूरे देश में जैसी संवेदना पैदा कर दी और बरसों से अलग अलग कारणों से दबा हुआ आम लोगों का गुस्सा जब जनाक्रोश बनके फ़ूटा तो न सिर्फ़ सरकार , प्रशासन बल्कि न्यायपालिका भी सक्रिय हो उठी । हालांकि भारतीय न्यायपालिका पर अक्सर ये आरोप लगता है कि ऐसे मामलों(...)]]></description>
				<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://ajaykumarjha.com/wp-content/uploads/2013/01/Set_up_fast_tra19375.jpg"></p><p>&nbsp;</p>
<p style="text-align: center;"><img class="alignnone" alt="" src="http://topnews.in/law/files/fast-track-courts.png" width="311" height="271" /></p>
<p>दिल्ली बलात्कार कांड ने पूरे देश में जैसी संवेदना पैदा कर दी और बरसों से अलग अलग कारणों से दबा हुआ आम लोगों का गुस्सा जब जनाक्रोश बनके फ़ूटा तो न सिर्फ़ सरकार , प्रशासन बल्कि न्यायपालिका भी सक्रिय हो उठी । हालांकि भारतीय न्यायपालिका पर अक्सर ये आरोप लगता है कि ऐसे मामलों में जनहित के नाम पर वह अति सक्रियता की शिकार हो जाती है , किंतु मौजूदा हालातों में सरकार व प्रशासन के रवैये को देखते हुए न्यायपालिका द्वारा स्वत: संज्ञान लेने का कदम यथोचित लगता है ।</p>
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<p>इस बार जनाक्रोश का विस्तार और उसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरे देश में न सिर्फ़ बलात्कार जैसे अपराध बल्कि महिलाओं के प्रति बढने वाली हिंसक घटनाएं , पुलिस का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार ,समाज का गिरता नैतिक स्तर और संवेदनहीनता तथा न्यायपालिका की धीमी गति आदि तमाम एक दूसरे से जुडे विषयों और समस्याओं पर एक राष्ट्रव्यापी बहस छिड गई । इस बार लोगों की मानसिक संवेदना का अंदाज़ा सिर्फ़ इस बात से ही लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा बलात्कार जैसे अपराध से निपटने के लिए सुझाव और अनुशंसा देने हेतु गठित जस्टिस वर्मा कमेटी को बहुत कम समय में आम लोगों द्वारा इतने सुझाव भेजे गए कि वो अपने आप में एक रिकार्ड है । इसके अलावा अब तक सैकडों ऑन लाईन याचिकाएं भी दायर की गई हैं ।</p>
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<p>यही वजह रही कि दिल्ली की प्रदेश सरकार ने आनन फ़ानन में दिल्ली उच्च न्यायालय को पत्र लिख कर राजधानी की सभी पांचों जिला अदालतों में अतिशीघ्र त्वरित अदालतों के गठन की प्रार्थना की और अब उन अदालतों  ने काम करना भी शुरू कर दिया है । आज देश भर की अदालतों में ऐसे त्वरित अदालतों की स्थापना की मांग उठने लगी है ताकि कम से कम बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के  निस्तारण और आरोपियों को समय रहते सज़ा दिलवाने में अभी होने वाले विलंब से बचा जा सके । उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार , प्रशासन व अदालतें आम जनता के इस विश्वार पर खुद को सही साबित कर पाएंगी , किंतु वास्तविकता को देखा परखा जाए तो इसमें संदेह उत्पन्न होता है ।<br />
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<p>आज भारतीय न्यायपालिका में अपनाई जा रही बहुत सी नई विधिक प्रक्रियाएं व प्रयोग , मसलन लोक अदालत , सांध्यकालीन अदालत ,मध्यस्थता की प्रक्रिया , विधिक सेवा प्राधिकरणों का गठन और त्वरित अदालतों का गठन आदि पश्चिमी देशों द्वारा सफ़लतापूर्वक अपनाई जा रही विधिक प्रक्रियायों का अनुसरण हैं । ये बहुत ही सकारात्मक बात है कि इनका प्रभाव व परिणाम भी अब दिखने लगा है । ऐसी ही एक संकल्पना के तहत त्वरित अदालतों का गठन किया था जिन्हें सर्वप्रथम प्रयोग के तौर पर सिर्फ़ पांच वर्षों के लिए गठित किया गया । पहले इनमें उन मुकदमों की सुनवाई प्रतिदिन के हिसाब से शुरू की गई जो सात वर्ष , पांच वर्ष से अधिक से अदालतों में लंबित पडे हुए थे । लेकिन एक बहुत बडी कमी जो रही वो ये कि जैसा कि बार बार सरकारों द्वारा प्रचारित किया जाता रहा है कि विशेष त्वरित अदालतों का गठन किया गया , असल में पहले से ही कार्यरत अदालतों में से एक को त्वरित अदालत के रूप में गठित कर उस अदालत में मुकदमों का स्थानांतरण कर दिया गया । इसके परिणामस्वरूप पहले से उस अदालत में लंबित मुकदमों को अन्य अदालतों में स्थानांतरित कर दिया गया । इसका नतीज़ा ये निकला कि बहुत जल्दी ही नतीज़ा वही हो गया कि &#8230;न्याय दूर और दुरूह ही बना रहा ।</p>
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<p><strong>वास्तव में , जब सरकार ऐसी अदालतों के गठन की कार्यवाही पूरी करती है तो उसका तात्पर्य जो आम जन समझते हैं उसके अनुसार और कायदे से भी त्वरित अदालतों का गठन , उनके लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति , लोक अभियोजक व कर्मचारियों के अलावा सभी  संसाधनों को भी विशेष रुप से ही मुहैय्या कराना चाहिए ।</strong> लेकिन असलियत में ऐसा हो नहीं पाता है । राजधानी दिल्ली की जिला अदालतों में इन अदालतों के गठन में समय सीमा को ध्यान में रखकर यदि एक पल के लिए उपरोक्त शर्तों को दरकिनार भी कर दिया जाए तो भी समय रहते ऐसी स्थाई त्वरित अदालतों की स्थापना और वो भी पूरे देश भर की अदालतों में इसकी स्थापना से ही स्थिति में कुछ बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं । अन्यथा पहले से ही मुकदमों के बोझ तले दबी हुई अदालतों को कितना ही फ़ास्ट ट्रैक पर दौडाया जाए वे ट्रैक से उतरती ही रहेंगी ।</p>
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