मुद्दा

एक दिन का बाल दिवस ,उम्र भर का अंधेरा

एक दिन का बाल दिवस ,उम्र भर का अंधेरा

  चौदह नवंबर , पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस , कहते हैं कि नेहरू जी को बच्चों से इतना स्नेह था कि बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे । सच कहें तो अब तो इन बातों पर भी विश्वास नहीं होता , कहीं कल को किसी आरटीआई के जवाब में सुनने को(…)

गर्त में जाती भारतीय राजनीति

गर्त में जाती भारतीय राजनीति

अभी कुछ समय पहले जब सूचना के अधिकार का उपयोग करके निकाली गई सूचना के आधार पर ये पता चला कि विश्व स्वास्थ्य संगठन जहां भारत में पचास प्रतिशत लोगों को समुचित शौच व्यवस्था न मिलने की आलोचना कर रहा था , वहीं योजना आयोग भवन ने अपने उपयोग के लिए पैंतीस लाख की लागत(…)

क्रिकेट कूटनीति …मोहाली मिलन …और नौटंकी करते देस …कविताई में पढिए

              चारों तरफ़  हाहाकार मचा , कहीं महंगाई का रोना , कहीं अपराध का है क्लेश किरकेट की कूटनीति , मोहाली का मिलन और दो पगलाए से देश ……     सरदारी टोल्ड टू ज़रदारी , आओ लगाएं फ़िर से दोस्ती की रेस , काहे की फ़िकर जनता की(…)

एक पोस्ट जो आज संपादकीय आलेख के रूप में प्रकाशित हुई

                    आज के दिल्ली से प्रकाशित समाचार पत्र एनसीआर इंडिया के संपादकीय आलेख के रूप में प्रकाशित पोस्ट को आप पोस्ट के रूप में पढना चाहें तो इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं । आलेख को बडा करके पढने के लिए आप उस पर चटका(…)

खबरों पर पडी मेरी टेढी नज़र : झा जी इसपेसल बुलेटिन

                    इस खबर पर :-  सीवीसी पर मैं जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं पी एम . मेरी नज़र :-करना ही चाहिए …अरे हंसिए हंसिए आप लोग को क्या पता कि एक मजबूर इंसान का कईसा कईसा मजबूरी होता है ..आ ई तो बेचारे केतना बढियां खजांची थे(…)

भ्रष्टाचार नहीं समाप्त किया जा सकता ..बकवास है ये !

 महाराष्ट्र में एडिशनल कलेक्टर को जिंदा जलाने की प्रतिक्रिया ने , सरकार , व्यवस्था ,  राजनीति सबमें पनप और पैठ जमा चुके भ्रष्टाचार के प्रति पहले से ही आक्रोशित आम जनमानस में  एक अजीब सी बेचैनी और उत्तेजना भर दी है । आज सार्वजनिक सेवा से लेकर व्यवस्था से जुडा हर वो आदमी जिसने(…)

आरूषि हत्याकांड : कुछ उपजे सवाल..

अभी फ़िलहाल जो स्थिति है उसमें ..दो बातें एक आम आदमी के ज़ेहन में आ रही हैं ..। पहली ये कि …हां गुनाह भी छुपाया जा सकता है और दूसरी ये कि नहीं कानून के हाथ बहुत लंबे नहीं होते हैं …। आज पूरे देश में चर्चा का मुद्दा , बहस का बिंदु ..सिर्फ़ और(…)

मीडिया और न्यायपालिका

राठौर प्रकरण में जिस तरह से मीडिया ने एक बार फ़िर से जेसिका लाल हत्या कांड वाला रुख अपनाया और लगभग उसी के अनुरूप इस घटना में त्वरित कार्यवाही वाला सब कुछ चल रहा है , उसने एक बार फ़िर से न्यायपालिका और मीडिया के बीच बढते रिश्ते के बहस को एक नई हवा दे(…)