न्याय व्यवस्था

बलात्कार : अपराध , सज़ा और अदालत का रुख

    पिछले दिनों जिस तेज़ी से समाज में बलात्कार की घटनाएं बढी हैं वो न सिर्फ़ एक सभ्य समाज के नाम पर कलंक की तरह हैं बल्कि खुद को स्थापित करते महिला जगत के लिए एक गंभीर खतरा है । अफ़सोस और दुख की बात ये है कि इस अपराध का संबंध न तो(…)

संदेश देती अदालतें ….आज का मुद्दा

    पिछले कुछ दिनों से लगातार आते कुछ फ़ैसलों , निर्णयों ,और इससे भी बढकर सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों की टिप्पणियों से समाज ,सरकार और व्यवस्था को बहुत से संदेश दिए जा रहे हैं । अब सरकार भी लगता है कि मजबूरीवश चेतने को विवश होती जा रही है । ऐसा लग रहा है(…)

सरकार का मैनेजर ,सुने हैं कि इकोनोमिक्स पढा था रे ..

तनिक बीमार से चल रहे हैं बस ….. पिछले कुछ दिनों से लगातार एक तरह की खबरें पढने देखने सुनने को मिल रही थीं कि फ़लानी योजना के लिए सरकार ने तीज हज़ार करोड की राशि मंजूर की , फ़लानी योजना के लिए पचास हजार करोड स्वीकृत । आम आदमी भौंचक्क ..सोचता है कि कमाल(…)

खबरों की खबर , यानि ठोंक पीट कर मुरम्मत ..

खबर :-वेलेंटाइन डे पर मॉल्स में चुने जाएंगे बेस्ट कपल नज़र :-बिल्कुल ..जगहे वही है जहां पर आपको बेस्टम बेस्ट कपल ..एकदम सफ़ल होता हुआ दिखाई देगा और टाईम तो जान के चुने हैं आप ओही खासमखास दिन । मॉल्स में ही तो उस सारा माल लुटाया जाना है ..अमां सुना है कि इस बार(…)

ये महज़ एक हत्या नहीं है ..

एक महिला सरे आम चाकू लिए हुए एक जनप्रतिनिधि की बैठक में पहुंचती है और उसे चाकू से गोद कर उसकी हत्या कर देती है । ये हत्या न तो विपक्षी राजनीतिक पार्टियों की साजिश का हिस्सा है और न ही किसी आतंकी घटना की एक कडी । ये हत्या उससे कहीं दूर और आज(…)

आरूषि हत्याकांड : कुछ उपजे सवाल..

अभी फ़िलहाल जो स्थिति है उसमें ..दो बातें एक आम आदमी के ज़ेहन में आ रही हैं ..। पहली ये कि …हां गुनाह भी छुपाया जा सकता है और दूसरी ये कि नहीं कानून के हाथ बहुत लंबे नहीं होते हैं …। आज पूरे देश में चर्चा का मुद्दा , बहस का बिंदु ..सिर्फ़ और(…)