• पढेगा भारत , बढेगा भारत -ग्राम यात्रा -6

      इस ग्राम यात्रा में जितना घूमना फ़िरना हुआ , उसमें कहीं कहीं विकास की गाडी को सरपट दौडते देखा तो कहीं पर वो बिल्कुल थमी हुई सी दिखी । ऐसे ही एक पडाव पर फ़िर कुछ खुशी का एहसास तब हुआ जब अपने ग्राम के विद्यालय को देखने गया । पूरे गांव के बीचोंबीच(…)

  • टटका एवं टेस्टी न्यूज़ …

    खबर सबर तो आप रोजिन्ना पढते ही होंगे फ़िर खबर पढ कर खूब कुढते ही होंगे , लेकिन हमारे खोपडे का हार्डवेयर थोडा सा अलग है सो खबर को पढते ही एकदम्म सन्नाट सा माथा में से उगता है ..जिससे कि ऊ टटका न्यूज़ टटका एवं टेस्टी न्यूज़ का फ़लेवर में आ जाता है ,(…)

  • उम्र का मोहताज़ एक बूढा कानून ..juvenile justice act

          दिल्ली बलात्कार कांड ने एक तरफ़ जहां चूलों तक हिल चुके इस समाज को झिंझोड कर रख दिया वहीं उसके बाद के घटनाक्रमों ने आम लोगों के सामने , सरकार , पुलिस ,कानून ,व प्रशासन के असली चरित्र को सामने रख दिया । मीडिया कवरेज के इस आधुनिक दौर में इस अपराध(…)

  • क्लोरमिंट खाओ , बत्ती जलाओ……खबराटा

        अरिस्स साला , ई मक्खीचंद पाकिस्तान हमेशा ही नयका बवाल देता है, औकात इत्ती है कि ,सुप्रीम कोर्ट इनके PM का कान पकड के निकाल देता है, दुर इससे का वार्ता फ़ार्ता करना है जी , दू लात उसका सुप्रीम कोर्ट मारता है , दू लात का सहयोग हम लोग को भी करते(…)

  • वर्मा कमेटी , बलात्कार , फ़ांसी और आम आदमी

        बीते हुए साल ने जाते जाते इस देश को जैसे आइना दिखा दिया । दिल्ली बलात्कार कांड ने इस देश को , इस समाज को , सरकार , प्रशासन , पुलिस , कानून और देश के जनप्रतिनिधियों तक को उनकी असलियत से रूबरू करा दिया । एक युवती जिसे , शहर के बीचों(…)

  • बरसों से रुका हुआ विकास -ग्राम यात्रा

    ग्राम्य सीरीज़ , एक , दो , तीन और चार में आप मेरी इस बार की ग्राम यात्रा के बारे में काफ़ी कुछ पढ देख और सुन चुके हैं । पहले ही बता चुका हूं कि इस बार फ़ुर्सत ही फ़ुर्सत थी सो पूरे दिन कहीं घूम घूम कर उस जगह जा जायज़ा लेने का(…)

  • फ़ेसबुकियाते तुम और हम …

     फ़ेसबुक पर हमारे मित्र , कमाल की दिलचस्प बातें , खूबसूरत पंक्तियां और तार्किक वार्तालापों को उडेलते रहते हैं , जिन्हें सहेज़ कर रखने का भी अपना ही एक आनंद है , मैं तो गाहे बेगाहे ये काम करता ही रहता हूं , लीजीए आज फ़िर कुछ खूबसूरत कतरे , इस पन्ने पर सहेज़ कर(…)

  • ठीक है – नहीं ,ठीक नहीं है

        खौफ़नाक है मंज़र क्यों , आज मेरे शहर का , वो कहते हैं , ठीक है , मगर देश के हालात ठीक नहीं है ॥ . जंगलों में भी कहां ऐसी दिखती है हैवानियत , खुद की नस्ल का शिकार करता , ये आदमज़ात ठीक नहीं है ॥ . हर बार निपटने का(…)

  • U R माइ पंपकिन , पंपकिन ..U R माइ हनीबनी

            सीमा पर जंग के हालात हैं , रहती है अपनी आजकल , ठनी ठनी, हाकिम फ़िर भी कहते हैं उन्हें , U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी पिछले दिनों अवाम और सियासत में जमकर हो रही थी , तना तनी , हाकिम फ़िर भी कहते रहे(…)

  • नागरिक संस्कार और देश

    कुछ समय पहले पश्चिमी देश से आए किसी पर्यटक ने राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति को सरेआम दीवार गंदा करते देखा तो उसके मुंह  से बेसाख्ता यही शब्द निकले कि , ” भारत आधुनिक तो हो रहा है किंतु यहां लोगों में नागरिक संस्कारों की कमी है ।” उसके इस कथन पर लोगों की तीव्र(…)

  • त्वरित अदालतें , न्याय : दूर भी दुरूह भी

      दिल्ली बलात्कार कांड ने पूरे देश में जैसी संवेदना पैदा कर दी और बरसों से अलग अलग कारणों से दबा हुआ आम लोगों का गुस्सा जब जनाक्रोश बनके फ़ूटा तो न सिर्फ़ सरकार , प्रशासन बल्कि न्यायपालिका भी सक्रिय हो उठी । हालांकि भारतीय न्यायपालिका पर अक्सर ये आरोप लगता है कि ऐसे मामलों(…)

  • विकास का सूत्रपात – ग्राम यात्रा

    इस बार गांव गया तो फ़ुर्सत ही फ़ुर्सत थी , फ़ुर्सत इस मायने में कि , चूंकि परिवार के साथ न जाकर अकेला गया था सो काम के नाम पर बस यही काम था कि गांव , खेत , बाग , बगीचों के अलावा स्कूल पास के मंदिर और जो कुछ नया पुराना घट रहा(…)

  • जस्टिस वर्मा कमेटी के लिए कुछ सुझाव

      श्रीमान जस्टिस वर्मा जी , सादर अभिवादन । भारत सरकार ने , बलात्कार एवं महिलाओं के प्रति अपराध की रोकथाम हेतु सुझाव एवं अनुशंसा देने के लिए आपकी अध्यक्षता में गठित आयोग के समक्ष सुझाव एवं शिकायतों के लिए आम नागरिकों का आह्वान किया था । एक आम भारतीय नागरिक होने के नाते मैं(…)

  • भभका ……….

          दामिनी , कामिनी , सौम्या , काजल , बिंदु , सलमा ….क्या फ़र्क पडता है , व कहते हैं न काल्पनिक नाम , तो एक काल्पनिक नाम की युवती शाम को अपने दफ़्तर से निकलती है , घर जाने के लिए रोज़ की तरह बस के गलीज़ सफ़र जद्दोज़हद , और काम(…)

  • अव्यवस्था के प्रति असंतोष से उपजता आंदोलन

          मौजूदा जनाक्रोश थमने का नाम ही नहीं ले रहा है , लोग देश के कोने कोने में ,बेशक अभी इस एक ही मुद्दे को लेकर गोलबंद हो रहे हैं , धरने प्रदर्शन कर रहे हैं और सबसे दुविधाजनक स्थिति सरकार और उनके नुमाइंदों की है जिन्हें समझ ही नहीं आ रहा है(…)

  • बेसाख्ता , बेलौस , बेखौफ़ से उफ़नते , उबलते कुछ शब्द

    जनाक्रोश , जनांदोलन , जनसंघर्ष ….नाम आप कोई भी दें , इसके पक्ष में हों या अचानक जाग उठे युवाओं को दिशाहीन , दिगभ्रमित कह के लाख कोसें , बेशक इन्हीं सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर रहते हुए भी , आप इन साइट्स और इनपर अपने विचारों को गतिमान रखते हुए ऐसे तमाम मुहिमों को हवा(…)

  • मैरी क्रिसमस टू यू : बुलबुल

    और ये सैंटा बुलबुल …मैरी क्रिसमस जी .                 बुलबुल और गोलू जी की तरफ़ से सभी दोस्तों , अंकल , आंटियों को मैरी क्रिसमस  मैरी क्रिसमस जी , मैरी क्रिसमस . .  

  • खौलता जनाक्रोश, पुलिस बल -सडक टू संसद वाया रायसीना हिल्स

    उस भयावह रात को , जब एक बाइस तेइस साल की युवती के साथ राजधानी दिल्ली की सुरक्षा का जिम्मा संभाले दुनिया की तेज़ तर्रार पुलिस दिल्ली पुलिस की लापरवाही के कारण , छ: दरिंदे बन चुके लोगों ने वहशियाना हरकत की तो शायद सरकार को भी ये अंदाज़ा नहीं था कि इसे आम जनमानस(…)

  • आ सिखा दें तुझे कैसे जिया जाता है …ग्राम यात्रा

      इस पोस्ट में आप पढ चुके हैं कि दिल्ली से मधुबनी तक का मेरा सफ़र कैसा रहा । गांव में जब कदम रखा तो अंदाज़ा हो गया कि बेशक दिल्ली में अभी कुहासे और कोहरे ने अपना खाता नहीं खोला है लेकिन हर बार की तरह प्रकृति की नियामत पाने और उसे हम तक(…)

  • बलात्कार : अपराध , सज़ा और कुछ प्रश्न

        देश की राजधानी दिल्ली, जहां की मुख्यमंत्री पिछले कई वर्षों से संयोगवश एक महिला हैं और जिस शहर की सुरक्षा में विश्व की बेहतरीन पुलिस सेवाओं में से एक , दिल्ली पुलिस , लगी हुई है , उस राजधानी में शहर में दौडती एक बस में सरेआम एक युवती की इज़्ज़त और उसके(…)

  • फ़ेसबुक ….चेहरों के अफ़साने

    Shivam Misra संसद हमले के अमर शहीदों को पूरे हिंदी ब्लॉग जगत और सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से शत शत नमन !   . Raghvendra Awasthi हम फटे अखबार की बासी खबर तो नहीं ….कम से कम दोस्तों के लिए ..! . Ashish Maharishi किसी पेड़ की डाली पर बैठा परिंदा डाली की कमजोरी(…)

  • खटखटिया खबरें ……

    इधर उधर भटक रहे कल्लू , पूछते अबे ये क्या मुसीबत है भाई , फ़ायदा नहीं नुकसान ही होगा , ये कैसी है (F. D) सरकार लेकर आई , कल्लुआ ..F. D.I ..का मतबल Fixed Deposit आई समझ रहा है जा रे कल्लुआ धत . बिपच्छ ने खूबे देखो लगाया जोर , हाय कित्ता मचाते(…)

  • दिल्ली टू मधुबनी , वाया पटना जंक्शन -ग्राम यात्रा

       पिछले लगभग चार वर्षों में गांव नहीं जा सका था जबकि मुझे जानने वाले जानते हैं कि गांव से अपने मोह के कारण , समय असमय मैं वर्ष में एक या दो बार जाने का प्रयास जरूर करता रहा था । हालांकि , विवाह होने और बच्चों के बाद , उनके स्कूल और पढाई(…)

  • ग्राम यात्रा : कुछ यादें तस्वीरों में

    “कौन सी वो रात है गुज़री , जो तुझे याद कर ये आंखें रोई नहीं हैं , होंगी कायनातें कई कयामत सी खूबसूरत , मेरे गांव तुझसा कोई नहीं है “ मुद्दत बात गांव जाना हुआ और इस बार ऐसा बहुत सारे कारणों से हुआ । मां फ़िर बाबूजी का एक के बाद एक अचानक(…)

  • चेहरों की बातें ……

      DrArvind Mishra पोंटी जैसे अ- अनुकरणीय व्यक्ति का समाचार दैनिक जागरण का मुख्य समाचार बनता है जबकि ठाकरे सा विराट व्यक्तित्व महज एक साईड स्टोरी -गोबर पट्टी का यही हश्र है जैसी वह है वैसी ही उसकी मीडिया भी ! हिन्दू ने ठाकरे को लीड स्टोरी बनाया है -हिन्दी के अखबार दरअसल अब थूकने(…)

  • खबरें खरी खरी …

        दिग्विजय : केजरीवाल और राखी सावंत हैं बिल्कुल एक समान , बुढाडी में भी मंतरी नय बन पाए , इसलिए आप सठिया गए सीरीमान , अब रखिया दंबूक दी है तान , कोर्ट कचहरी थाने का बनिएगा मेहमान CAG की ताकत कम करने में अब जुट गई सरकार चुनाव आयोग , सतर्कता के(…)

  • बढता न्यायिक भ्रष्टाचार

    अभी हाल ही में समाचारों में आई एक खबर ने पुन: आम आदमी का ध्यान इस ओर खींचा है कि न्यायिक क्षेत्र में भी सब कुछ सुचारूं व व्यवस्थित रूप से नहीं चल रहा है । खबर यह थी कि दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने दिल्ली अधीनस्थ न्यायालय में पदस्थापित दो न्यायाधिकारियों को,, उसका(…)

  • एक दिन का बाल दिवस ,उम्र भर का अंधेरा

      चौदह नवंबर , पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस , कहते हैं कि नेहरू जी को बच्चों से इतना स्नेह था कि बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे । सच कहें तो अब तो इन बातों पर भी विश्वास नहीं होता , कहीं कल को किसी आरटीआई के जवाब में सुनने को(…)

  • लो आई दीवाली रे ….

                      लो आई दीवाली रे आलू प्याज और टमाटर, खरीद खरीद कर, जेब हुई है खाली रे, ऊपर से बच्चे चिल्लाएं , लो आयी दीवाली रे, . शेयर मार्केट भी हुई बेवफा, कौन समझे ये फलसफा, कोई पीटे माथा अपना, कोई बजाये ताली रे, लो आयी दीवाली(…)

  • हैप्पी दीपावला : गोलू जी की कूची से

      पुत्र आयुष की चित्रकारी के प्रयास के साथ , गोलू जी की तरफ़ से आप सबको दीपों के पर्व दीपावली की बहुत बहुत शुभकमनाएं । देखिए उसकी ये छोटी छोटी कोशिशें ………….  

  • खबरें खटाखट ..पढिए फ़टाफ़ट

      एक खुलासा उधर है होता , फ़ौरन माईक पकड के बैठ काहे जावे रे भाज्जप्पा , मर्दे इहे जो काम तुम लोग करते , तो फ़िर काहे कोई करता इत्ता लारालप्पा , अब चेत जाओ रे बप्पा , न त फ़िर से खेलते रहना छुपन छुपाई और धप्पा . सूरजकुंड में कांग्रेस मईया सुने(…)

  • गर्त में जाती भारतीय राजनीति

    अभी कुछ समय पहले जब सूचना के अधिकार का उपयोग करके निकाली गई सूचना के आधार पर ये पता चला कि विश्व स्वास्थ्य संगठन जहां भारत में पचास प्रतिशत लोगों को समुचित शौच व्यवस्था न मिलने की आलोचना कर रहा था , वहीं योजना आयोग भवन ने अपने उपयोग के लिए पैंतीस लाख की लागत(…)

  • खटखटिया खबरें

      राहुल : हर माह सब्सिडी वाले सिलेंडर देने पर हो रहा है विचार ल्यो बेट्टा : शुरू हो गया डिरामा , अबे फ़ौरन ही बदल रहा व्यवहार बबा हो , अबकि करते रहो तुम विचार , जनता चुनाव में सारा गैस निकालने को है तैयार , आओ तो सही . मोबाइल कॉल दरें अब(…)

  • दिल्ली क्वीन (हिन्दी मासिक पत्रिका ) में प्रकाशित एक व्यंग्य

                                   व्यंग्य को पढने के लिए चित्र पर चटका लगाएं । व्यंग्य अलग खिडकी में बडा होकर खुल जाएगा जिसे आसानी से पढा जा सकता है

  • कुछ प्रकाशित आलेख

        पिछले दिनों डाक से प्राप्त कुछ प्रकाशित आलेख , जो देश के विभिन्न समाचार पत्रों व दैनिकों में छपे । आलेख को पढने के लिए आप उस छवि पर चटका लगा दें । आलेख अलग खिडकी में बडा होकर खुल जाएगा , जिसे आसानी से पढा जा सकता है ।      (…)

  • खबरनामा …..

    मैदान में देखी सरकार की लीला , कह रही विपक्ष कर रहा गुमराह , अबे सब कुछ लूट मारा देश का तुमने , बाह रे गोरमिंट बाह !!! . आरटीआई के दायरे में आ सकते हैं अब कई सियासी दल , चलो ठीक है ले आओ , मगर एक कानून कैसे निकलेगा सारा हल ,(…)

  • कुछ बेसाख्ता , बेलौस , बेखौफ़ सा …….

            ये बगावत का दौर है यारों , और न सही , तेवर तो बनाए रखो , खाक होगी सियासत एक दिन , सीने में आग तो जलाए रखो …. . ये जान ले सियासत बेशक तू बेशर्म दिल सख्त है ,और ये तेरा ही जो वक्त है, हम भी हुंकारते रहेंगे(…)

  • जरूरी है दिल्ली में पटाखों का धुआं/प्रदूषण

    राजधानी दिल्ली के हवा, पानी, व ध्वनि, में बढते बेतहाशा प्रदूषण के मद्देनज़र ,पिछले कई वर्षों से बार बार ये अपील की जाती है कि लोग , आतिशबाजी ,बम व पटाखों को चलाने से परहेज़ करें और ये पर्व चूंकि दीपों और रोशनी का है इसलिए अच्छा हो कि लोग शांतिपूर्वक इस दिन दीपों की(…)

  • रावण को फ़ूंकना है विभीषणों को तलाशिए

    भ्रष्टाचार के खिलाफ़ अलग अलग मोर्चो पर चल रही लडाइयों मे , कौन सी लडाई , कहां कितनी आगे तक जाएगी , कौन उसे आगे बढाएगा , कौन सी लडाई अपने मुकाम पर पहुंचेगी या कौन सी दम तोड देगी , इन तमाम आशंकाओं और संभावनाओं पर इन दिनों बहुत ही सरगर्मी दिखाई दे रही(…)

पढेगा भारत , बढेगा भारत -ग्राम यात्रा -6

पढेगा भारत , बढेगा भारत -ग्राम यात्रा -6

  इस ग्राम यात्रा में जितना घूमना फ़िरना हुआ , उसमें कहीं कहीं विकास की गाडी को सरपट दौडते देखा तो कहीं पर वो बिल्कुल थमी हुई सी दिखी । ऐसे ही एक पडाव पर फ़िर कुछ खुशी का एहसास तब हुआ जब अपने ग्राम के विद्यालय को देखने गया । पूरे गांव के बीचोंबीच(…)

टटका एवं टेस्टी न्यूज़ …

टटका एवं टेस्टी न्यूज़ …

खबर सबर तो आप रोजिन्ना पढते ही होंगे फ़िर खबर पढ कर खूब कुढते ही होंगे , लेकिन हमारे खोपडे का हार्डवेयर थोडा सा अलग है सो खबर को पढते ही एकदम्म सन्नाट सा माथा में से उगता है ..जिससे कि ऊ टटका न्यूज़ टटका एवं टेस्टी न्यूज़ का फ़लेवर में आ जाता है ,(…)

उम्र का मोहताज़ एक बूढा कानून ..juvenile justice act

      दिल्ली बलात्कार कांड ने एक तरफ़ जहां चूलों तक हिल चुके इस समाज को झिंझोड कर रख दिया वहीं उसके बाद के घटनाक्रमों ने आम लोगों के सामने , सरकार , पुलिस ,कानून ,व प्रशासन के असली चरित्र को सामने रख दिया । मीडिया कवरेज के इस आधुनिक दौर में इस अपराध(…)

क्लोरमिंट खाओ , बत्ती जलाओ……खबराटा

क्लोरमिंट खाओ , बत्ती जलाओ……खबराटा

    अरिस्स साला , ई मक्खीचंद पाकिस्तान हमेशा ही नयका बवाल देता है, औकात इत्ती है कि ,सुप्रीम कोर्ट इनके PM का कान पकड के निकाल देता है, दुर इससे का वार्ता फ़ार्ता करना है जी , दू लात उसका सुप्रीम कोर्ट मारता है , दू लात का सहयोग हम लोग को भी करते(…)

वर्मा कमेटी , बलात्कार , फ़ांसी  और आम आदमी

वर्मा कमेटी , बलात्कार , फ़ांसी और आम आदमी

    बीते हुए साल ने जाते जाते इस देश को जैसे आइना दिखा दिया । दिल्ली बलात्कार कांड ने इस देश को , इस समाज को , सरकार , प्रशासन , पुलिस , कानून और देश के जनप्रतिनिधियों तक को उनकी असलियत से रूबरू करा दिया । एक युवती जिसे , शहर के बीचों(…)

बरसों से रुका हुआ विकास -ग्राम यात्रा

बरसों से रुका हुआ विकास -ग्राम यात्रा

ग्राम्य सीरीज़ , एक , दो , तीन और चार में आप मेरी इस बार की ग्राम यात्रा के बारे में काफ़ी कुछ पढ देख और सुन चुके हैं । पहले ही बता चुका हूं कि इस बार फ़ुर्सत ही फ़ुर्सत थी सो पूरे दिन कहीं घूम घूम कर उस जगह जा जायज़ा लेने का(…)

फ़ेसबुकियाते तुम और हम …

फ़ेसबुकियाते तुम और हम …

 फ़ेसबुक पर हमारे मित्र , कमाल की दिलचस्प बातें , खूबसूरत पंक्तियां और तार्किक वार्तालापों को उडेलते रहते हैं , जिन्हें सहेज़ कर रखने का भी अपना ही एक आनंद है , मैं तो गाहे बेगाहे ये काम करता ही रहता हूं , लीजीए आज फ़िर कुछ खूबसूरत कतरे , इस पन्ने पर सहेज़ कर(…)

ठीक है – नहीं ,ठीक नहीं है

ठीक है – नहीं ,ठीक नहीं है

    खौफ़नाक है मंज़र क्यों , आज मेरे शहर का , वो कहते हैं , ठीक है , मगर देश के हालात ठीक नहीं है ॥ . जंगलों में भी कहां ऐसी दिखती है हैवानियत , खुद की नस्ल का शिकार करता , ये आदमज़ात ठीक नहीं है ॥ . हर बार निपटने का(…)

U R माइ पंपकिन , पंपकिन ..U R माइ हनीबनी

U R माइ पंपकिन , पंपकिन ..U R माइ हनीबनी

        सीमा पर जंग के हालात हैं , रहती है अपनी आजकल , ठनी ठनी, हाकिम फ़िर भी कहते हैं उन्हें , U R माइ पंपकिन , पंपकिन , U R माइ हनीबनी पिछले दिनों अवाम और सियासत में जमकर हो रही थी , तना तनी , हाकिम फ़िर भी कहते रहे(…)

नागरिक संस्कार और देश

नागरिक संस्कार और देश

कुछ समय पहले पश्चिमी देश से आए किसी पर्यटक ने राजधानी दिल्ली में एक व्यक्ति को सरेआम दीवार गंदा करते देखा तो उसके मुंह  से बेसाख्ता यही शब्द निकले कि , ” भारत आधुनिक तो हो रहा है किंतु यहां लोगों में नागरिक संस्कारों की कमी है ।” उसके इस कथन पर लोगों की तीव्र(…)

त्वरित अदालतें , न्याय : दूर भी दुरूह भी

त्वरित अदालतें , न्याय : दूर भी दुरूह भी

  दिल्ली बलात्कार कांड ने पूरे देश में जैसी संवेदना पैदा कर दी और बरसों से अलग अलग कारणों से दबा हुआ आम लोगों का गुस्सा जब जनाक्रोश बनके फ़ूटा तो न सिर्फ़ सरकार , प्रशासन बल्कि न्यायपालिका भी सक्रिय हो उठी । हालांकि भारतीय न्यायपालिका पर अक्सर ये आरोप लगता है कि ऐसे मामलों(…)

विकास का सूत्रपात – ग्राम यात्रा

विकास का सूत्रपात – ग्राम यात्रा

इस बार गांव गया तो फ़ुर्सत ही फ़ुर्सत थी , फ़ुर्सत इस मायने में कि , चूंकि परिवार के साथ न जाकर अकेला गया था सो काम के नाम पर बस यही काम था कि गांव , खेत , बाग , बगीचों के अलावा स्कूल पास के मंदिर और जो कुछ नया पुराना घट रहा(…)

जस्टिस वर्मा कमेटी के लिए कुछ सुझाव

जस्टिस वर्मा कमेटी के लिए कुछ सुझाव

  श्रीमान जस्टिस वर्मा जी , सादर अभिवादन । भारत सरकार ने , बलात्कार एवं महिलाओं के प्रति अपराध की रोकथाम हेतु सुझाव एवं अनुशंसा देने के लिए आपकी अध्यक्षता में गठित आयोग के समक्ष सुझाव एवं शिकायतों के लिए आम नागरिकों का आह्वान किया था । एक आम भारतीय नागरिक होने के नाते मैं(…)

भभका ……….

      दामिनी , कामिनी , सौम्या , काजल , बिंदु , सलमा ….क्या फ़र्क पडता है , व कहते हैं न काल्पनिक नाम , तो एक काल्पनिक नाम की युवती शाम को अपने दफ़्तर से निकलती है , घर जाने के लिए रोज़ की तरह बस के गलीज़ सफ़र जद्दोज़हद , और काम(…)

अव्यवस्था के प्रति असंतोष से उपजता आंदोलन

      मौजूदा जनाक्रोश थमने का नाम ही नहीं ले रहा है , लोग देश के कोने कोने में ,बेशक अभी इस एक ही मुद्दे को लेकर गोलबंद हो रहे हैं , धरने प्रदर्शन कर रहे हैं और सबसे दुविधाजनक स्थिति सरकार और उनके नुमाइंदों की है जिन्हें समझ ही नहीं आ रहा है(…)

बेसाख्ता , बेलौस , बेखौफ़ से उफ़नते , उबलते कुछ शब्द

जनाक्रोश , जनांदोलन , जनसंघर्ष ….नाम आप कोई भी दें , इसके पक्ष में हों या अचानक जाग उठे युवाओं को दिशाहीन , दिगभ्रमित कह के लाख कोसें , बेशक इन्हीं सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर रहते हुए भी , आप इन साइट्स और इनपर अपने विचारों को गतिमान रखते हुए ऐसे तमाम मुहिमों को हवा(…)

मैरी क्रिसमस टू यू : बुलबुल

और ये सैंटा बुलबुल …मैरी क्रिसमस जी .                 बुलबुल और गोलू जी की तरफ़ से सभी दोस्तों , अंकल , आंटियों को मैरी क्रिसमस  मैरी क्रिसमस जी , मैरी क्रिसमस . .  

खौलता जनाक्रोश, पुलिस बल -सडक टू संसद वाया रायसीना हिल्स

उस भयावह रात को , जब एक बाइस तेइस साल की युवती के साथ राजधानी दिल्ली की सुरक्षा का जिम्मा संभाले दुनिया की तेज़ तर्रार पुलिस दिल्ली पुलिस की लापरवाही के कारण , छ: दरिंदे बन चुके लोगों ने वहशियाना हरकत की तो शायद सरकार को भी ये अंदाज़ा नहीं था कि इसे आम जनमानस(…)

आ सिखा दें तुझे कैसे जिया जाता है …ग्राम यात्रा

  इस पोस्ट में आप पढ चुके हैं कि दिल्ली से मधुबनी तक का मेरा सफ़र कैसा रहा । गांव में जब कदम रखा तो अंदाज़ा हो गया कि बेशक दिल्ली में अभी कुहासे और कोहरे ने अपना खाता नहीं खोला है लेकिन हर बार की तरह प्रकृति की नियामत पाने और उसे हम तक(…)

बलात्कार : अपराध , सज़ा और कुछ प्रश्न

बलात्कार : अपराध , सज़ा और कुछ प्रश्न

    देश की राजधानी दिल्ली, जहां की मुख्यमंत्री पिछले कई वर्षों से संयोगवश एक महिला हैं और जिस शहर की सुरक्षा में विश्व की बेहतरीन पुलिस सेवाओं में से एक , दिल्ली पुलिस , लगी हुई है , उस राजधानी में शहर में दौडती एक बस में सरेआम एक युवती की इज़्ज़त और उसके(…)